पिछले 50 वर्षों से देश के विभिन्न राज्यों में ब्राह्मण संगठन खड़े करने वाले ब्राह्मण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष, राज्य आंदोलनकारी पंडित कमलेश्वर वशिष्ठ का निधन हो गया। वे 81 वर्ष के थे। वशिष्ठ के वरिष्ठ पुत्र अनिरुद्ध वशिष्ठ ने कनखल के श्मशान घाट पर मुखाग्नि दी।
पंडित कमलेश्वर वशिष्ठ निरंतर सक्रिय रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता थे। बदरी बावला स्थित उनकी पौरोहित्य गद्दी से उत्तराखंड राज्य आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई। पंडित जी का निवास उत्तराखंड का आंदोलन का केंद्र बना रहा। उन्होंने अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष के रूप में देश के हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, मध्य प्रदेश आदि कई राज्यों में ब्राह्मण संगठनों को बनाया। हरिद्वार के पंडित मदन मोहन मालवीय वेद कर्मकांड विद्यालय के संस्थापक अध्यक्ष रहे। उत्तरखंड राज्य बनने के बाद प्रदेश सरकार ने उन्हें राज्य आंदोलनकारी का दर्जा देकर पेंशन प्रदान की।
पंडित कमलेश्वर पिछले कुछ दिनों से कनखल के मिशन अस्पताल में भर्ती थे। सोमवार को सुुबह सात बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। पंडित कमलेश्वर की अंतिम यात्रा ज्वालापुर स्थित उनके निवास स्थान से कनखल के लिए रवाना हुई। गंगा सभा, ब्राह्मण परिषद, राज्य आंदोलनकारी परिषद, गढ़वाल महासभा आदि की ओर से उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। कनखल श्मशान घाट पर विधायक आदेश चौहान, राज्य आंदोलनकारी समिति के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे, विजय भंडारी, मुकेश जोशी आदि नेताओं ने पहुंचकर श्रद्घासुमन अर्पित की।