मंगलौर। हाईवे चौड़ीकरण को लेकर अतिक्रमण हटाने को लेकर लोगों की पुलिस और कंपनी के अधिकारियों से नोकझोंक हो गई। इस दौरान एक दुकान तोड़े जाने के दौरान दुकान मालिक ने हंगामा खड़ा कर दिया।
जिसके बाद प्रशासन ने दुकान मालिक को दो दिन का समय दे दिया। कार्रवाई के दौरान दो मंजिला भवन और दो दुकानें तोड़ दी गई है। दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर मंगलौर के समीप नजरपुरा मोहल्ले से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। जेसीबी के साथ पहुंची एनएच अधिकारियों एवं पुलिस प्रशासन की टीम को देखकर लोगों में हड़कंप मच गया। इस दौरान नजरपुरा मोहल्ले में जैसे ही एक टायर पंक्चर की दुकान को तोड़ने का काम शुरू किया गया तो दुकान स्वामी ने उसका तीखा विरोध किया।
उसके पक्ष में दलित समाज के लोग भी लामबंद हो गए। लेकिन प्रशासन के कड़े विरोध के बीच दुकान स्वामी बबलू ने सामान आदि उठाने के लिए दो दिन की मांग की। जिस पर प्रशासन ने उसे दो दिन की मोहलत दे दी। इसके बाद हाईवे के दूसरे किनारे से अतिक्रमण हटाने का काम शुरू किया गया।
यहां गैस एजेंसी के समीप एक दुमंजिला भवन को तोड़ दिया गया। साथ ही पीएनबी बैंक के छज्जे को भी तोड़ा गया। इसके बाद दो भवन और ढहाए गए। इस दौरान प्रशासनिक टीम को विरोध का भी सामना करना पड़ा। लेकिन सख्ती के साथ अभियान चलाया गया। अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार को भी अभियान जारी रहेगा। बताया गया है कि मंगलवार को धर्मस्थल और एक भाजपा नेता के मकान पर बुल्डोजर चल सकता है। कार्रवाई के दौरान ऐरा कंपनी के अधिकारी राजेश सैनी, कानूनगो हुकुम सिंह, एसआई कैलाश बिष्ट आदि मौजूद रहे।