हरिद्वार। आखिरकार जगजीतपुर में मांगों के लिए चल रहे बुजुर्ग महिलाओं के धरने तहसीलदार प्रियंका रानी पहुंचीं। उन्होंने महिलाओं की पीड़ा को सुनकर जांच कर कार्रवाई आश्वासन दिया। अमर उजाला ने बुजुर्ग महिलाओं की सुनवाई नहीं होने की खबर काे प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था।
दरअसल, 23 अक्तूबर से धरने पर बैठी अनुसूचित जाति की पीड़ित बुजुर्ग महिलाएं उत्तराखंड के जिला हरिद्वार के ग्राम जगजीतपुर में भू-माफिया एवं पुलिस एवं तहसील प्रशासन के कर्मचारियों की ओर से किए गए उत्पीड़न के खिलाफ धरना पर बैठी हैं। उनकी मांग है कि उनके पट्टी की जमीन पर भू-माफिया ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। रिंग रोड के अधिग्रहण के लिए मिली मुआवजा राशि भी उन्हें नहीं मिली है।
लेकिन 17 दिन से बुजुर्ग महिलाओं की प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने सुध नहीं ली थी। जिससे शनिवार को अमर उजाला की ओर से 17 दिन बाद भी प्रशासन ने नहीं ली धरनारत बुजुर्ग महिलाओं की सुध शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। खबर प्रकाशित होने के बाद तहसीलदार प्रियंका रानी ने 18 वें दिन तहसील प्रशासन ने पुलिस बल के साथ धरना स्थल पर पहुंचकर पीड़ित महिलाओं की व्यथा सुनकर शीघ्र न्याय का आश्वासन दिया। उनकी मांगों काे पूरा करने के लिए मामले की जांच की जाएगी। इस दौरान तहसीलदार ने बुजुर्ग महिलाओं को फल भी दिए। कहा कि धरने पर पहुंचे पूर्व जज कांता प्रसाद ने कहा कि पीड़ित महिलाओं का हक छीना जा रहा है। इसके लिए हम मिलकर लड़ाई लड़ेंगे।
0इस मौके पर प्रमिला, विद्या देवी, कलावती, सुखबीरी, बहुजन क्रांति मोर्चा के प्रदेश संयोजक भंवर सिंह, जिला सह संयोजक महिपाल सिंह, जिला उपाध्यक्ष श्याम सुंदर आदित्य, ओमपाल सिंह, रामविलास पासवान, संजीव बाबा, हरपाल मौर्या, मुकेश कुमार, परशुराम आदि मौजूद रहे।
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