हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के दयानंद द्वार में भारतीय सेना की ओर से विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराए गए टैंक को स्थापित कर दिया गया है। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रूपकिशोर शास्त्री ने कहा कि यह विश्वविद्यालय ही नहीं, अपितु हरिद्वार नगरी के लिए गौरव की बात है कि भारतीय सेना ने विश्वविद्यालय को अपनी गौरव गाथा का प्रतीक टैंक स्थापित करने के लिए दिया गया है।
कुलपति ने कहा कि भारतीय सेना की ओर से पुणे से प्राप्त यह टैंक हरिद्वार में गौरव गाथा स्तंभ के रूप में भारतीय सेना के शौर्य को प्रकट करेगा। गुरुकुल का भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। गुरुकुल के संस्थापक स्वामी श्रद्धानंद महाराज ने देश की संस्कृति और अखंडता की रक्षा के लिए अपने जीवन को समर्पित कर दिया था। आज भी विश्वविद्यालय के छात्र सेना व देश के अन्य क्षेत्रों में अपना योगदान कर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका का निर्वाह कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है कि भारतीय सेना के गौरव का प्रतीक विश्वविद्यालय को टैंक के रूप में प्राप्त हुआ है, जो हमारे छात्रों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत होगा। राष्ट्रसेवा में गुरुकुल के छात्र निरंतर अपना योगदान कर रहे हैं। इस मौके पर संयुक्त कुलसचिव डॉ. श्वेतांक आर्य, प्रो. देवेंद्र मलिक, प्रो. आरकेएस डागर, प्रो. मनुदेव बंधु, प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री, प्रो. सुरेंद्र त्यागी, कुलभूषण शर्मा, हेमंत सिंह नेगी और नवीन कुमार आदि मौजूद रहे।
खिलाड़ियों को दी बेहतर प्रदर्शन की शुभकामनाएं
गुरुकुल कांगड़ी विवि के मुख्य द्वार पर बनाया गया सेल्फी प्वाइंट
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। टोक्यो में हो रहे ओलंपिक में जाने वाले खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के लिए गुरुकुल कांगड़ी विवि में सेल्फी प्वाइंट का शुभारंभ किया गया। इसमें खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी गईं। सेल्फी प्वाइंट पर शिक्षकों और छात्रों ने सेल्फी भी ली।
23 जुलाई से जापान में आरंभ हो रहे ओलंपिक के लिए विश्वविद्यालय परिसर के दयानंद मुख्य द्वार पर एक सेल्फी प्वाइंट का शुभारंभ किया गया। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय की ओर से ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए और बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी गई हैं। कुलपति प्रो. रूपकिशोर शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चारण के इसका शुभारंभ किया। इस दौरान कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार, प्रो. आरकेएस डागर, प्रो. मनुदेव बंधु, प्रो. डीएस मलिक, प्रो. वीके सिंह, प्रो. पंकज मदान और प्रो. सोहनपाल आर्य आदि शामिल रहे।