हरिद्वार। गंगा में खनन खुलवाने केे विरोध में रविवार से मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने तपस्या शुरू कर दी। सोमवार से जल त्याग करेंगे। मातृसदन ने शासन प्रशासन पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया।
पूर्व घोषणा के अनुसार स्वामी शिवानंद सरस्वती ने रविवार से तपस्या शुरू कर दी। मातृसदन ने शासन प्रशासन पर खनन माफियाओं को महत्व दिए जाने और मातृसदन की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। मातृसदन का कहना था कि मुख्यमंत्री ने रायवाला से भोगपुर तक खनन पर रोक लगाने के लिए अधिसूचना जारी करने आश्वासन दिया था, लेकिन इसे मूर्त रूप नहीं दिया गया। कहा कि हर बार शासन-प्रशासन की ओर से उन्हें झूठे आश्वासन दिए जाते रहे हैं। नियमों के विरुद्घ गंगा में खनन खोल दिया गया, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मातृसदन गंगा की रक्षा के लिए आवाज उठाता रहेगा। मातृसदन की ओर से कुंभ क्षेत्र के विस्तार को लेकर भी शासन प्रशासन से पत्राचार किया जा रहा है लेकिन उनकी मांग पर सुनवाई नहीं हो रही है।
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मातृसदन पहुंचे एसडीएम
मातृसदन की ओर से कुछ मांगों को लेकर जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया था। जिसमें रायवाला से भोगपुर तक खनन प्रतिबंधित करने और कुुंभ क्षेत्र का विस्तार करने सहित अन्य मांगे थी। सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में जिला प्रशासन की ओर से इस पत्र को कार्रवाई के लिए शासन के लिए भेजने की बात सूचना के अधिकार में बताई गई थी। पत्र प्रेषित किए जाने की सबूत को लेकर उपजिलाधिकारी प्रत्यूष सिंह मातृसदन पहुंचे।