राष्ट्रपति सहित पांच माननीयों को भेजी गई चिट्ठी का शुक्रवार को भी कोई जवाब नहीं आने के कारण अनशन पर बैठे मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवांनद ने शनिवार से जल भी त्यागने का निर्णय लिया है। बृहस्पतिवार को उन्होंने शुक्रवार से ही जल त्यागने का ऐलान किया था। शुक्रवार को अनशन जारी रखते हुए जल ग्रहण किया। देर शाम एसडीएम स्वामी शिवानंद को अनशन समाप्त कराने के लिए मनाने पहुंचे, लेकिन उनकी स्वामी शिवानंद सरस्वती से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। मातृसदन की ओर से दिया गया एक पत्र लेकर प्रशासन की टीम लौट आई। शिष्य ब्रह्मचारी दयानंद ने स्वामी शिवानद सरस्वती का मेडिकल चेकअप कराने से इंकार कर दिया।
गंगा में खनन रोकने और स्टोन क्रशरों पर कार्रवाई सहित पांच बिंदुओं को लेकर मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने 23 दिन तक अनशन किया था। उनका अनशन समाप्त करवा कर परमाध्यक्ष स्वामी शिवांनद खुद अनशन पर बैठ गए थे। उन्होंने राष्ट्रपति समेत पांच माननीयों को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की मांग की थी। सात दिन में कोई जवाब नहीं आने पर अनशन के साथ जल त्यागने का अल्टीमेटम दिया था। शुक्रवार को भी कोई जवाब नहीं आया। इस पर स्वामी शिवांनद ने अब शनिवार से जल भी त्याग करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार की देर शाम एसडीएम मनीष कुमार सिंह और सीओ मनीषा जोशी उन्हें मनाने आश्रम पहुंचे।
उन्होंने स्वामी शिवानंद से मिलने का आग्रह किया, लेकिन ब्रह्मचारी दयानंद और अन्य ने उन्हें आश्रम में प्रवेश नहीं करने दिया। ब्रह्मचारी दयानंद ने अधिकारियों के आग्रह को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि ग़ुरुदेव तपस्या कर रहे हैं। साथ ही खनन पर रोक समेत सभी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने तक अनशन समाप्त नहीं करने की भी बात कही। काफी देर तक आश्रम के बाहर इंतजार करने के बाद अधिकारियों की टीम लौट गई।