सूचना देने में लापरवाही का दोषी साबित पाने पर पर सूचना आयोग ने उत्तराखंड पावर कारपोरेशन के अधीक्षण अभियंता (अनुबंध एवं क्रय) जीएस कुंवर पर 25 हजार रुपये का जुुर्माना किया है। इसके साथ ही प्रथम अपील प्राप्त नहीं करने के दोषी विभागीय अपीलीय अधिकारी / मुख्य अभियंता, स्तर-एक (वाणिज्य) देहरादून के विरुद्ध प्रबंध निदेशक को कार्रवाई करने को कहा गया है।
हरिद्वार के रमेश चंद्र शर्मा ने प्रमुख सचिव ऊर्जा निगम को जनहित में एक दिसंबर 2015 को पत्र देकर सोमवती अमावस्या को हुई दुर्घटना की जांच में पारित सुरक्षात्मक दिशा-निर्देशों के खिलाफ गऊघाट पुल पर बिजलीघर के निर्माण पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। शिकायत के बावजूद सुरक्षा को ताक पर रखते हुए अर्द्धकुंभ मेला योजना में गऊघाट पुल से साथ निर्माण करा दिया गया। रमेश चंद्र शर्मा ने प्रमुख सचिव को भेजी शिकायत की जानकारी लेने के लिए लोक सूचना अधिकारी ऊर्जा निगम सचिवालय देहरादून को आवेदन भेजा।
वहां से पत्र निगम मुख्यालय भेजा गया। सूचनाएं प्राप्त नहीं होने पर प्रथम विभागीय अपीलीय अधिकारी के समक्ष अपील की गई, लेकिन उन्होंने पत्र ही प्राप्त नहीं किया। द्वितीय अपील सूचना आयोग में दाखिल की गई। आयोग ने सुनवाई कर स्पष्टीकरण तलब किया तो लोक सूचना अधिकारी ने आयोग को बताया कि सूचना देने के लिए अधीक्षण अभियंता संबद्ध निदेशक परिचालन जीएस कुंवर से सहयोग मांगा गया था, किंतु उनके द्वारा ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में अपीलार्थी को सूचना नहीं दी जा सकी। सूचना आयुक्त सुरेंद्र सिंह रावत ने 6 दिसंबर को द्वितीय अपील का निस्तारण कर दंडात्मक कार्रवाई का आदेश पारित किया है।