जिलाधिकारी, एसएसपी और एसओ सिडकुल के हटने के बाद कई थानेदारों की कुर्सी भी हिलने की संभावना है। ऐसे लापरवाह थानेदारों को चिह्नित करने की कार्रवाई गुप्त तौर पर चल रही है।
चुनाव आयोग ने एकदम साफ कर दिया है कि विधानसभा चुनाव सकुशल और निष्पक्ष, पारदर्शी संपन्न कराना ही उनका लक्ष्य है। डीएम और एसएसपी को हटाने से आयोग ने इस दिशा में साफ संकेत किए हैं। एसओ सिडकुल को निलंबित करने के बाद अब कई थानेदारों पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो कुछ थानाध्यक्षों के बारे में भी ऐसी शिकायतें की गई हैं कि जो चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। अब ऐसे थानेदारों को भी चिह्नित करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। दिनभर रविवार को भी ऐसी चर्चाएं होती रही। पुलिस प्रशासन में सभी की निगाहें इस बात पर लगी रही कि परिवर्तन की इस जद में कौन-कौन आता है।
एसएसपी राजीव स्वरूप के हटने के बाद कई थानेदारों में बैचैनी का आलम है। ये ये वो थानेदार हैं जो या तो सिफारिश से जमे हुए थे, या फिर एसएसपी राजीव स्वरूप के करीबी थे। शनिवार से लेकर रविवार दिन भर वह इसी कश्मकश में रहे कि क्या वे भी हटने वाले हैं। देहरादून तक फोन घनघना कर इस बाबत टोह लेने में जुटे रहे।