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खेलने-कूदने की उम्र में हरिद्वार में हरियाली ला रही यशस्वी

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यशस्वी शर्मा। हरिद्वार के लोगों की जुबान पर आजकल यह नाम रटा है। यशस्वी हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) के आयुरप्लांटेशन मिशन की ब्रांड एंबेसडर है। हरिद्वार को हरियाली का द्वार बनाने के संकल्प के साथ यशस्वी घर-घर जाकर पौधरोपण कर रही है। वह पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधों की उपयोगिता समझा रही है। यशस्वी रोपे जाने वाले पौधों की देखरेख करने के लिए लोगों को शपथ भी दिला रही है।
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कनखल संदेश नगर निवासी आठ साल की यशस्वी शर्मा कक्षा तीसरी की छात्रा है। यशस्वी जितनी छोटी है, सोच उसकी उतनी ही बड़ी है। उसे पौधों से बेहद लगाव है। अपनी उम्र के बच्चों की तुलना में पर्यावरण संरक्षण, योग और सामान्य ज्ञान की समझ भी उसे काफी अधिक है। वह स्कूल से लेकर सार्वजनिक मंचों पर योग और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रजेंटेशन देकर दर्शकों एवं श्रोताओं में अपनी छाप छोड़ देती है। इन्हीं खूबियों ने उसे दूसरे बच्चों से अलग पहचान दिलाई है।
एचआरडीए हर साल मानसून सत्र में पौधरोपण करता है। इनमें कुछ पौधे लगते नहीं हैं तो अधिकतर लगाने के बाद देखभाल नहीं होने से सूूख जाते हैं, लेकिन एचआरडीए ने इस बार अनूठी मुहिम शुरू की है। इसमें गंग नहर पटरी किनारे ऑक्सीजन लेन और घर-घर आयुरप्लांटेशन कराया जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी यशस्वी को सौंपी गई है। यशस्वी अभियान की ब्रांड एंबेसडर है और प्लांटेशन में कई संस्थाएं जुड़ी हैं। यशस्वी के नेतृत्व में घर-घर जाकर पौधे लगाए जा रहे हैं। वह लोगों के घरों में गिलोय, तुलसी और एलोवेरा के अलावा दूसरे पौधे लगाती और लगवाती हैं। उनकी देखरेख की शपथ भी दिलवा रही है। मिशन में हजारों पौधे लगाए जा चुके हैं। हरेला पर्व पर वृहद रूप से पौधरोपण के लक्ष्य के साथ लोगों को प्रेरित भी कर रही है।
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कौन है यशस्वी शर्मा
हरिद्वार। यशस्वी के पिता योगी रजनीश ओम आरोग्यम योग मंदिर चलाते हैं। इसमें योग की शिक्षा दी जाती है। यशस्वी की बड़ी बहन ओश्विन शर्मा 12वीं की छात्रा हैं। मां अर्चना शर्मा भी योगाचार्य हैं। छोटी उम्र से ही यशस्वी योग में पारंगत है। योग के चलते ही पर्यावरण के प्रति उसका लगाव है। उसके इसी लगाव के चलते एचआरडीए ने उसे अपने अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया है।
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यशस्वी के हाथों पौधे लगवाने आते हैं फोन और मैसेज
हरिद्वार। अभियान के लिए व्हाट्सअप ग्रुप बनाया गया है। इसमें रोजाना कई लोग फोन और मैसेज कर यशस्वी के हाथों अपने घर आंगन में पौधे लगाने की अपील करते हैं। यशस्वी एचआरडीए से पौधे लेकर टीम के साथ लोगों के घरों तक जाती है और अपने सामने पौधों को लगवाती है।
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