गांव एक्कड़ से हटाकर देसी शराब के ठेके को गांव सराय में शिफ्ट करने पर महिलाओं और युवाओं का गुस्सा भड़क उठा। लाठी डंडों से लैस भीड़ ने ठेके में तोड़फोड़ कर दी और सेल्समैनों की भी पिटाई कर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जैसे तैसे स्थिति को संभाला। तनाव को देखते हुए ठेका बंद करा दिया गया है।
गांव सराय से ही गांव एक्कड़ सटा हुआ है। गांव एक्कड़ में देसी शराब का ठेका था। उस ठेके को ठेकेदार ने गांव सराय में शिफ्ट कर दिया। यह जानकारी मिलने पर गांव की महिलाएं और युवक एकत्र हो गए। फिर वे सब जुलूस की शक्ल में लाठी डंडों से लैस होकर सीधे शराब के ठेके पर पहुंच गए। महिलाओं युवाओं ने ठेके पर पथराव भी कर डाला और लाठी डंडे जमकर बरसाए। ठेके पर लगे पोस्टर को फाड़ दिया। इस दौरान अंदर दुबके सेल्समैनों को दुकान खोलनी पड़ी तो अंदर भी तोड़फोड़ कर दी गई। सेल्समैनों की भी धुनाई हुई। महिलाओं और युवाओं ने अपना गुस्सा शराब की बोतलों पर भी निकाला और जमीन पर पटक दी। सूचना मिलने पर ज्वालापुर पुलिस ने पहुंचकर हालात को संभाला। तनाव को देखते हुए ठेकेदार ने ठेका बंद ही कर दिया। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि ठेके में ग्रामीणों ने तोड़फोड़ की है। उनका गुस्सा दुकान शिफ्ट करने को लेकर है।
कैंटीन को भी बनाया निशाना
हरिद्वार। देसी शराब के ठेके के निकट बनी कैंटीन भी निशाना बनी। महिलाओं ने कैंटीन में भी तोड़फोड़ कर दी और मेज कुर्सी पलट दी। खाने पीने का सामान भी फेंक दिया। कैंटीन संचालक भी मौके से भाग खड़ा हुआ।