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छात्र की चिट्ठी पर जागा महकमा

Wed, 14 Sep 2016 11:33 PM IST
hridwar uttrakhanda india
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हरिद्वार। राजकीय प्राथमिक विद्यालय टाटवाला के एक छात्र की चिट्ठी पर ही सही आखिरकार प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग नींद से जागा। स्कूल में दो साल से बच्चों का मेडिकल चेकअप न होने पर पांचवीं के छात्र ने डीएम को चिट्ठी लिखी थी। अमर उजाला ने खबर के माध्यम से छात्र की व्यथा प्रशासन तक पहुंचाई थी। जिसका संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने एक मेडिकल टीम स्कूल में भेजी और सभी 86 बच्चों का स्वास्थ्य जांचा गया।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत साल में कम से कम दो बार सरकारी स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य जांच होनी जरूरी है। लेकिन अधिकांश स्कूलों में साल में एक बार भी जांच नहीं होती। कुछ स्कूलों में दो साल से कोई मेडिकल टीम नहीं पहुंची। प्राथमिक विद्यालय टाटवाला में पांचवीं के छात्र विपुल ने पिछले दिनों डीएम के नाम एक चिट्ठी लिखी थी। जिसमें विपुल ने बताया था कि उनके स्कूल में दो साल से बच्चों का स्वास्थ्य नहीं जांचा गया। जबकि स्कूल में कई छात्र बीमार हो रहे हैं, गांव मेें भी बेहतर चिकित्सा सुविधा नहीं है। इस चिट्ठी पर स्कूल के कई अन्य बच्चों ने भी हस्ताक्षर किए थे। यह चिट्ठी विपुल ने अपने शिक्षक शिवा अग्रवाल को डीएम तक पहुंचाने के लिए दी थी। अमर उजाला ने बीते दो सितंबर को पेज नंबर दो पर यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए प्रशासन को जगाने का प्रयास किया था।
जिलाधिकारी हरबंश सिंह चुघ ने खबर का संज्ञान लेते हुए एक मेडिकल टीम स्कूल में भेजी। टीम में शामिल डा. हेमंत खर्कवाल, डा. दीपा और एएनएम वर्षा चौहान ने स्कूल पहुुंचकर बच्चों का स्वास्थ्य जांचा। उन्हें दवाईयां भी दी गई।
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 यहां तो हो गई, बाकी स्कूलों में कब
जिलाधिकारी कुछ महीने पहले टाटवाला प्राइमरी स्कूल गए थे। डीएम हरबंश सिंह चुघ ने छात्रों को कहा था कि कहीं मदद की जरूरत पड़े तो बताना। जिस पर छात्र ने डीएम को चिट्ठी लिखी। पांचवीं के छात्र विपुल की जागरूकता के चलते टाटवाला के स्कूल में तो छात्रों की जांच हो गई। लेकिन जिले में ऐसे तमाम स्कूल हैं, जहां साल भर से स्वास्थ्य जांच नहीं हुई। प्रशासन, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि योजना को कागजों से निकालकर धरातल तक पहुंचाते हुए बाकी स्कूलों में भी मेडिकल चेकअप कराए।
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