पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भूमाफिया व गैंगस्टर यशपाल तोमर पर शिकंजा कसने के बाद एसटीएफ ने उसके करीबी प्रॉपर्टी डीलरों और सफेदपोशों की कुंडली भी खंगाली शुरू कर दी है। यशपाल तोमर की 36 बीघा भूमि पर जिला प्रशासन हरिद्वार की टीम ने मंगलवार को तारबंदी करते हुए रिसीवर नियुक्त कर दिया है। जिसके बाद हरिद्वार के कई प्रॉपर्टी डीलरों व सफेदपोशों में हड़कंप मचा है। यशपाल इस समय जिला कारागार हरिद्वार में बंद है। हरिद्वार लोग उसके संपर्क में पहले से हैं। जमीन से एक जुड़े एक मामले में एक साध्वी भी उसके समर्थन में आई थी। ऐसे में इस साध्वी से भी एसटीएफ पूछताछ कर सकती है।
धर्मनगरी में आश्रम, ट्रस्ट व अन्य जगहों पर करोड़ो रुपयों की भूमि पर विवाद चल रहा है। इन जगहों की कीमत इस समय आसमान छू रही है। ऐसे में धर्मनगरी के प्रॉपर्टी डीलर दूसरे प्रदेशों के भूमाफिया के साथ मिलकर इन जमीनों पर लगातार गिद्ध दृष्टि लगाए रहते हैं। उत्तरी हरिद्वार की करोड़ों रुपये की जमीन को लेकर कांग्रेस नेता को घर में घुसकर हत्या की धमकी देने के बाद भूमाफिया यशपाल तोमर ने ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के नया गांव रोड पर भी जमीन को कब्जाने की कोशिश की थी। इस मामले में भी प्रॉपर्टी डीलरों की संलिप्तता पाई गई थी। एसटीएफ ने यशपाल तोमर को गिरफ्तार करके जेल में भेज दिया था। यशपाल तोमर के समर्थन में एक महिला साध्वी ने भी अपना पक्ष रखा था। संवाद
कनखल में कई प्रॉपर्टी डीलर रहते हैं सक्रिय
कनखल थाना क्षेत्र में कई प्रॉपर्टी डीलर विवादित जमीनों, आश्रम व ट्रस्ट की संपत्तियों केे लेकर लगातार सक्रिय रहते हैं। एक प्रॉपर्टी डीलर का तो कनखल क्षेत्र में इस तरीकों की जमीन को लेकर वर्चस्व है। जमीन का कोई भी मामला होने पर यह प्रॉपर्टी डीलर सीधे उस मामले में हाथ डालता है। एक प्रॉपर्टी डीलर के भी यशपाल तोमर के संपर्क में रहने की बात एसटीएफ की जांच में सामने आई है।
उत्तरी हरिद्वार में कई संपत्तियों पर चल रहा विवाद
उत्तरी हरिद्वार में भी कई संपत्तियों पर विवाद चल रहा है। इस क्षेत्र में कुछ सफेदपोश ट्रस्ट या फिर आश्रम में किसी न किसी पद पर विराजमान हैं। ऐसे में दो गुट होने के कारण संपत्तियों पर हमेशा विवाद चलता रहा है।