मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार जनपद के कार्यों में विभाग कोरोना की वजह से कोई प्रगति नहीं कर सके। इस पर डीएम ने कार्यों में तेजी लाने और विवादित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी सी रविशंकर ने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन की विधानसभा वार प्रगति की समीक्षा की। डीएम ने जनपद के लिए की गई समस्त घोषणाओं की स्थिति पर विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली। अधिकारियों ने अभी तक पूर्ण हो चुकी घोषणाओं और गतिमान घोषणाओं पर चल रहे कार्यों की अंतिम समय सीमा की जानकारी दी। अधिकांश विभागों के अधिकारियों ने लॉकडाउन होने से कार्यों में देरी होने का कारण बताया। कई स्थानों पर जमीन उपलब्ध न हो पाने, भूमि विवाद, देरी से बजट आवंटन के चलते कार्यों में तेजी न आने का कारण बताया। डीएम ने जो कार्य विभागों से परिवर्तित हुए हैं, उन्हें भी स्पष्ट करते हुए पुन: जानकारी देने को निर्देश दिए। उन्होंने सभी तहसीलों के एसडीएम को विवादित कार्यों का निस्तारण करने, रुके हुए कार्यों का भौतिक निरीक्षण करने को निर्देश दिए। इस मौके पर एडीएम प्रशासन बीके मिश्रा, वित्त केके मिश्रा, पीडब्यूडी के अधिशासी अभियंता दीपक कुमार, जल निगम के मौ. मीसम, गंगा प्रदूषण इकाई के परियोजना अधिकारी आरके जैन, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता नरेश पाल, आरईएस के अधिशासी अभियंता रामजीलाल, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी मनव्वर सिंह राणा आदि शामिल हुए।