डीआईजी गढ़वाल रेंज पुष्पक ज्योति ने कहा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाई जाएगी। इसके जरिये उत्तराखंड के पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
वीआईपी घाट पर डीजीपी एम गणपति के निर्देश पर चलाए जा रहे सुगम धार्मिक पर्यटन एवं जन सहभागिता कार्यक्रम के समापन समारोह में डीआईजी ने कहा कि छात्र- छात्राओं को नशे की लत से दूर करना होगा। कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों को समय देना चाहिए ताकि वह बुरी आदतों से दूर रहें। डीआईजी ने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तीर्थ पुरोहित, व्यापारी वर्ग, होटल एवं धर्मशाला यूनियनों की समिति बनाई जाएगी। जिनके सुझावों के आधार पर काम किया जाएगा। पंद्रह मिनट की डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाकर पर्यटन को बढ़ावा देने की भी योजना है।
एसएसपी राजीव स्वरूप ने कहा कि धार्मिक सुगम पर्यटन के लिए सबको पुलिस के सहयोग करना चाहिए। समारोह को पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रदीप चौधरी, भाजपा नेता विकास तिवारी, कांग्रेस नेता राव आफाक अली, व्यापारी नेता सुरेश गुलाटी, संजीव नैय्यर, अरविंद मंगल ने संबोधित किया। व्यापारी वर्ग ने डीआईजी पुष्पक ज्योति का स्मृति चिह्न एवं पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उद्यमी हरेंद्र गर्ग, कांग्रेस नेता महेश गौड़, भाजपा नेता मनव्वर कुरैशी, प्रवीण कुमार, अमर कुमार, सुनील सेठी, प्रदीप कालरा, राकेश मल्होत्रा, सोम त्यागी, सद्दीक गौड़, अनिल मिश्रा, विजय शर्मा भी मौजूद रहे। पुलिस विभाग की ओर से एसपी सिटी प्रमेंद्र डोबाल, एसपी देहात मणिकांत मिश्रा, एसपी क्राइम शाहजहां अंसारी, सीओ जेपी जुयाल, स्वप्न किशोर सिंह तथा अव्वल सिंह रारवत आदि समेत कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। संचालन इंस्पेक्टर अमर चंद शर्मा ने किया।
जब डीआईजी को बताया दीपक ज्योति
मंच पर मौजूद भाजपा नेता विकास तिवारी ने जब डीआईजी का नाम पुष्पक ज्योति की बजाय दीपक ज्योति लिया तब गफलत की स्थिति बन गई। एसएसपी राजीव स्वरूप ने तुरंत मंच का संचालन कर रहे निरीक्षक अमर चंद्र शर्मा को एक स्लिप पर डीआईजी का नाम लिखकर दिया। तब डीआईजी का सही नाम सबके सामने रखा। दरअसल, उत्तराखंड पुलिस से ही रिटायर्ड हुए एक अफसर का नाम दीपक ज्योति है।