नववर्ष 2017 का स्वागत के लिए देश के विभिन्न राज्यों से गायत्री साधक, युवा अपने गुरुधाम शांतिकुंज पहुंचे। वह नववर्ष के पहले दिन से हवन, योग के साथ विशेष जप अनुष्ठान करेंगे। साधकों का शनिवार को अनुष्ठान संकल्प कराया गया एवं साधनाकाल की दिनचर्या के बारे में जानकारी दी गई। साधक वसुधैव कुटुंबकम की भावना के साथ जप अनुष्ठान करेंगे। शांतिकुंज मीडिया विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 1 जनवरी को विशेष हवन का कार्यक्रम होगा, जिसमें महामृत्युंजय आहुति के साथ राष्ट्रोत्थान के लिए विशेष आहुतियां दी जाएंगी।
नववर्ष की पूर्व संध्या में अपने संदेश में अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डा. प्रणव पंड्या ने कहा कि वर्ष 2017 राष्ट्र के लिए नया संदेश लेकर आ रहा है। 2017 से एक नया युग शुरू होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत वर्ष से शुरू हुए युग परिवर्तन का अभियान अब विश्व भर में फैलने जा रहा है। अन्याय, अत्याचार, भ्रष्टाचार के खिलाफ समाज में जागरूकता आने लगी है, लोग एकजुट होने लगे हैं। रिश्वतखोरी, कालाबाजारी, मिलावट, कामचोरी, दलाली जैसे भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसना आरंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय भारत का भविष्य उज्ज्वल तथा समूची मानवता के लिए भी भविष्य का सूरज सुखद संदेश लेकर आ रहा है। संस्था की संचालिका शैल दीदी ने कहा कि प्रत्येक गायत्री साधक पूज्य गुरुदेव के सृजन संदेश को जन-जन तक पहुंचाकर उनको जाग्रत करने का प्रयास करें। गायत्री साधक, युवा सृजन कार्यों को और तेजी से फैलाएं। नवयुग का शंखनाद हर गली-मोहल्ले में गुंजायमान हो।
देसंविवि का ज्ञानदीक्षा समारोह कल
देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज का 30 वां ज्ञानदीक्षा समारोह 2 जनवरी को होगा। इसमें 6 मासीय पाठ्यक्रम के नवप्रवेशी छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। समारोह के मुख्य अतिथि स्वामी परमात्मानन्द सरस्वती होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता देसंविवि के कुलाधिपति डा. प्रणव पंड्या करेंगे। यह जानकारी कुलसचिव संदीप कुमार ने दी।