नेपाल में मंगलवार को आए दूसरे बड़े भूकंप से आईआईटी के वैज्ञानिक भी हैरान हैं। भूकंप विभाग के वैज्ञानिक डा. अशोक कुमार ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि नेपाल में दोबारा इतना बड़ा भूकंप आ सकता है। विगत 25 अप्रैल को वहां आए भूकंप में अभिकेंद्र से एक ओर 90 किमी और दूसरी ओर के 160 किमी क्षेत्र को आफ्टरशॉक के लिए चिह्नित किया गया था।
माना जा रहा है कि पहले भूकंप के झटके में भूगर्भ में एकत्र ऊर्जा पूरी तरह नहीं निकल पाई। डा. अशोक के मुताबिक यदि दोनों भूकंप की ऊर्जा एक साथ निकलती तो स्थिति ज्यादा भयावह होती। हालांकि उन्हाेंने यह भी कहा कि एक बार में नौ से ज्यादा मैग्निट्यूड के भूकंप आने की आशंका न के बराबर होती है। यही कारण है नेपाल के भूगर्भ में जमा ऊर्जा दूसरे भूकंप में रिलीज हुई है।
उत्तराखंड भी है संवेदनशील
आईआईटी के वैज्ञानिक डा. अशोक की माने तो उत्तराखंड भी भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील बना हुआ है। कभी भी बड़े भूकंप की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
नेपाल में सुरक्षित हैं रुड़की के वैज्ञानिक
आईआईटी के वैज्ञानिक डा. योगेंद्र सिंह हाल ही में नेपाल गए हैं। वह केंद्र सरकार की ओर से भेजे गए एक दल में शामिल हैं। संस्थान के वैज्ञानिक डा. अशोक कुमार ने बताया कि उनसे फोन पर वार्ता हुई है और वह सुरक्षित हैं। बताया कि वह जिस होटल में ठहरे हुए हैं, उसमें भूकंप आते ही टीवी सेट बंद हो गए।