नकली नोटों की खेप संग पुलिस के हत्थे चढ़ी तिकड़ी एक पखवाड़े पहले भी हरिद्वार आई थी। तब भी यह तिकड़ी वैष्णो देवी धर्मशाला में ठहरी हुई थी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है से उस समय भी आरोपियों ने नकली नोटों की खेप बाजार में उतारी होगी। लेकिन खुफिया एजेंसियों से स्थानीय पुलिस तक इनसे इस संबंध में कुछ खास नहीं उगलवा पाई।
हरकी पैड़ी क्षेत्र से पुलिस ने 94 हजार के नकली नोट बरामद करते हुए एक पूर्व फौजी की पत्नी अंजू मिश्रा, प्रेमी रामहरी शर्मा एवं एक सदस्य बलजीत सिंह को गिरफ्तार किया था। पूरे मामले का पटाक्षेप तब हुआ था जब बलजीत 500 रुपये का नकली नोट लेकर बाजार में खरीददारी करने पहुंचा था।
बरेली (यूपी) निवासी तिकड़ी से कई घंटों तक चली पूछताछ के बाद पुलिस आरोपियों से कुछ खास नहीं उगलवा पाई। केवल इतना पता चला था कि पूर्व फौजी की पत्नी अपने परिचित राजाराम एवं नागेंद्र पांडे नाम के युवकों से एक लाख के नकली नोट लाई थी और पूर्व में बरेली में 50 हजार रुपये के नकली नोट चला चुकी थी। कबूला था कि मूल रूप से बिहार के रहने वाले यह दोनों शख्स उसी के ही परिचित हैं और 60 हजार रुपये असली देने की एवज में उसे एक लाख रुपये मिले थे।
हरिद्वार पुलिस की तफ्तीश में अब यह सामने आया है कि ये तीनों पकड़े जाने से एक सप्ताह पूर्व भी यहां आए थे और उसी धर्मशाला में एक दिन के लिए ठहरे थे। ऐसे में इस बात की आशंका है कि कहीं उस समय भी आरोपियों ने नकली नोट तो बाजार में नहीं उतारे थे। नगर कोतवाली प्रभारी महेंद्र सिंह नेगी की मानें तो अब तक कोई ऐसी शिकायत नहीं आई है लेकिन इस तरह की बात से इनकार नहीं किया जा सकता।