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स्कूल तो खुले, लेकिन नहीं बढ़ रही छात्र उपस्थिति

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लंबे समय के बाद खुले स्कूलों में बच्चों का रुझान नहीं बन पा रहा है। स्कूल खुले डेढ़ माह से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन कक्षाओं में छात्रों की उपस्थित 50 फीसदी से ज्यादा नहीं हो पाई है। विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए अभिभावकों की ओर से घर-घर दस्तक देने के साथ-साथ अन्य प्रयास किए जा रहे हैं।
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कोरोन संक्रमण से प्रभावित स्कूलों को करीब दो साल बाद सुचारु रूप से खोल दिया गया है। 31 जनवरी को कक्षा दस और 12 की ऑफलाइन कक्षाएं शुरू कर दी गई थीं। 16 फरवरी से कक्षा एक से नौ तक स्कूलों को भी शुरू दिया गया था। इससे पहले कोरोना संक्रमण के चलते शिक्षण कार्य पूरी तरह से प्रभावित रहा। हालांकि, बीच-बीच में स्कूलों को खोला भी गया लेकिन फिर से कोविड संक्रमण बढ़ने पर बंद कर दिया जाता था। ऐसे में अब खोले गए स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति की हालत में सुधार नहीं हो रहा है। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय टिबड़ी में पंजीकृत 85 बच्चों में से मंगलवार को मात्र 49 बच्चे आए।
प्रधानाध्यापक रागिनी गुप्ता ने बताया कि अक्सर स्कूलों में बच्चों की यही उपस्थिति देखने को मिल रही है। बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए उनके घरों में जाकर अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय भगतनपुर में 122 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से 65 बच्चे उपस्थित हुुए। स्कूल के सहायक अध्यापक जितेंद्र सिंह ने बताया कि एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए सत्र में बच्चों के घर जाकर उनके अभिभावकों से संपर्क करके उपस्थित बढ़ाने और नई प्रवेश कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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राजकीय प्राथमिक विद्यालय टांटवाला के अध्यापक डा. शिवा अग्रवाल ने बताया कि कोरोना काल के बाद नया सत्र शुरू होने वाला है। नवप्रवेशी बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। राजकीय प्राथमिक शिक्षक एसोसिएशन के जिला महामंत्री दर्शन सिंह पवार का कहना है कि एक अप्रैल से नया सत्र शुरू होगा। अप्रैल माह में प्रवेशोत्सव भी होगा। अध्यापक घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल में नामांकन करने और उपस्थिति बढ़ाने की अपील करेंगे।
नहीं बढ़ पा रही बच्चों की संख्या
लालढांग राजकीय प्राथमिक विद्यालय में पंजीकृत बच्चों की संख्या 123 है लेकिन 55 बच्चे उपस्थित रहे रहे। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चमरिया में कुल पंजीकृत बच्चे 47 हैं लेकिन पढ़ने के लिए 30 बच्चे आए। राजकीय प्राथमिक विद्यालय चमरिया में कुल पंजीकृत विद्यार्थी 43 हैं लेकिन स्कूल में 27 उपस्थित रहे।
132 में से आए 66 बच्चे
रानीमाजरा में राजकीय प्राथमिक विद्यालय में 132 बच्चे पंजीकृत हैं लेकिन 66 बच्चों की उपस्थिति रही है। स्कूल के प्रधानाध्यापक केपी मेहर ने बताया कि पिछले दिनों बच्चों की परीक्षा हुई है। इसके बाद से विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति में कमी आई है।
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