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हम भी बचाना चाहते हैं गौरैया

Tue, 30 Jun 2015 01:06 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/हरिद्वार
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प्रदेश से ही नहीं बाहरी राज्यों से भी गौरैया बचाने के लिए पक्षी प्रेमी आगे आ रहे हैं। मोबाइल, एसएमएस, मेल कर पक्षी प्रेमियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान चलाने की इच्छा जताई है। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय स्थित पक्षी संवाद केंद्र प्रयोगशाला के विश्वविख्यात पक्षी वैज्ञानिक प्रोफेसर दिनेश भट्ट ने बताया कि गौरैया बचाव के लिए युवा वर्ग की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
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लोग लगातार उनसे संपर्क कर गौरैया संरक्षण की जानकारी ले रहे हैं। पक्षी वैज्ञानिक विनय सेठी ने बताया कि गौरैया बचाव के लिए लोगों ने मेल और फेसबुक के माध्यम से खुद को अभियान से जोड़ने की इच्छा जताई है। फेसबुक के माध्यम से पानीपत के व्यापारी राकेश पोपली ने कहा कि गौरैया बचाव के लिए कार्य करना चाहता हूं।

गाजियाबाद की छात्रा मोनिका परूखी ने कहा कि घर में गौरैया के लिए घोंसला लगाना चाहती हूं। इसी तरह उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी शिक्षक अनुज कुमार, मुजफ्फरनगर से नितिन शर्मा, देवबंद से विनय कुमार, शारदा से मनोज कुमार, महाराष्ट्र के औरंगाबाद निवासी पार्वती देवी, गढ़मुक्तेश्वर से संदीप कुमार, दिल्ली से अर्चना ने गौरैया बचाव अभियान से जुड़ने की इच्छा जताई है।
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सहारनपुर से पहुंचे पक्षी प्रेमी
अमर उजाला में गौरैया बचाव अभियान की खबर पढ़कर सोमवार को सहारनपुर निवासी शिक्षक विकास शर्मा गुरुकुल कांगड़ी विवि स्थित पक्षी संवाद केंद्र प्रयोगशाला पहुंचे। यहां उन्होंने पक्षी वैज्ञानिक डा. विनय सेठी से मिलकर गौरैया संरक्षण के लिए विद्यार्थियों के बीच व्याख्यान देने की बात कही।

मुस्लिम विद्यालय में विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने वाले विकास शर्मा ने कहा कि विद्यालय में जाकर बच्चों को गौरैया संरक्षण का संदेश दिया जाना चाहिए। अध्यापक की मांग पर डा. विनय सेठी ने इस पर हामी भरी।
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