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हरिद्वार से रवाना होगी गंगा हिमालय रक्षा यात्रा

Wed, 16 Jan 2013 01:18 PM IST
हरिद्वार/ब्यूरो
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हिमालय और गंगा-यमुना की रक्षा के लिए हरिद्वार से गंगा हिमालय संरक्षण रथ यात्रा आज हरिद्वार से रवाना हो रही है। भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ महाराज के नेतृत्व में कई नगरों में भ्रमण करते हुए यात्रा 25 जनवरी को प्रयाग पहुंचेगी।
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कुंभ नगर में गंगा और हिमालय रक्षा के लिए शंखनाद किया जाएगा। उत्तराखंड के पर्वतीय भागों से जुड़े संगठन इस यात्रा में भाग ले रहे हैं। भूमा निकेतन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने बताया कि हिमालय का सम्मान अखंड रखना जरूरी है। मठ-मंदिर और देवालय तभी सुरक्षित रह पाएंगे, जब हिमालय, गंगा और यमुना बचेंगे। प्रकृति को बचाना जरूरी है।

हरिद्वार से शुरू हो रही रथ यात्रा के साथ मातृसदन, गंगा आह्वान, धारी देवी संघर्ष समिति, मंदाकिनी बचाओ संघर्ष समिति, पर्यावरण संस्थाएं और गंगा हिमालय प्रेमी शामिल हो रहे हैं। कई पर्वतीय नगरों से डोलियां भी हरिद्वार पहुंची जो रथ यात्रा के साथ चलेंगी। रथ यात्रा बुधवार को सवेरे गंगा अर्चना के बाद शुरू होगी।
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17 जनवरी को रुड़की, पुरकाजी होते हुए मुजफ्फरनगर में यात्रा का विश्राम होगा। 18 जनवरी को बागपत, 19 जनवरी को नरेला मंडी हरियाणा, 20 जनवरी को दिल्ली, 21 को वृंदावन, 22 को इटावा, 23 को कानपुर, 24 को इलाहाबाद तथा 25 को इलाहाबाद के कुंभ क्षेत्र में यात्रा का प्रवेश होगा। भूमा पीठाधीश्वर ने बताया आद्य जगद्गुरु शंकराचार्य की परंपराओं का पालन करने के लिए इस यात्रा का आयोजन किया गया है। प्रयाग कुंभ नगर में गंगा और हिमालय के लिए व्यापक जन जागरण किया जाएगा।

निजी कंपनियां कर रहीं विनाश
यात्रा में भाग लेने के लिए यमुना घाटी से आए सुमन विश्वकर्मा ने बताया कि निजी कंपनियां अपने स्वार्थों के आगे प्रकृति को कुछ नहीं समझ रहीं। यमुना पर बन रहे प्रोजेक्ट की आड़ में पर्वतीय संस्कृति का उपहास उड़ाया जा रहा है।  

केदार घाटी को बचाना जरूरी
केदार घाटी बचाओ समिति की प्रतिनिधि सुशीला भंडारी ने कहा कि समूची मंदाकिनी घाटी संकट में है। जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए आवाज उठाने का सही समय आ गया है। कुंभ नगर में जाकर देशवासियों को गंगा और हिमालय के लिए जागृत किया जाएगा।
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