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फर्जी समीक्षा अधिकारी चढ़ा हत्थे

Fri, 27 Jan 2017 10:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
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उत्तराखंड सचिवालय में तैनात समीक्षा अधिकारी बनकर राज्य के हर जिले में ब्लाक स्तर पर संविदा कर्मी के लिए साक्षात्कार ले रहा सहारनपुर निवासी एक फर्जी समीक्षा अधिकारी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इस पर मकान मालिक से साढ़े दस लाख और एक ग्रामीण से फार्मासिस्ट के पद पर भर्ती के लिए दो लाख रुपये लेने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि साक्षात्कार लेने के दौरान देहरादून निवासी एक असली समीक्षा अधिकारी भी मौजूद था। लेकिन, पुलिस की प्रारंभिक जांच में वह दोषी नहीं पाया गया।

26 जनवरी को हरिद्वार कोतवाली पहुंचे महावीर शाह (पुत्र मोहनलाल, निवासी सुमन नगर, सलेमपुर) ने सूचना दी कि एक होटल में जिले एवं ब्लाक स्तर पर प्रोग्राम मैनेजर के पद पर संविदा कर्मी के तौर पर भर्ती के लिए साक्षात्कार हो रहे हैं। लेकिन उसे इस पर संदेह है। सूचना पर पुलिस ने होटल में दबिश दी। होटल में साक्षात्कार के नाम पर दो कमरे ब्रह्मपुरी की रहने वाली माया के नाम पर बुक कराए गए थे। पुलिस ने एक कमरे में साक्षात्कार ले रहे पंकज गुप्ता (पुत्र नारायण गुप्ता, निवासी मोहल्ला पठानपुरा, सहारनपुर, यूपी) को दबोच लिया। उसी कमरे में नरेश (पुत्र जय सिंह, निवासी धानीवाला, सहसपुर, देहरादून), दारा सिंह (पुत्र दुलीचंद, निवासी गंगाविहार, कोलागढ़, कैंट, देहरादून), यतेंद्र सिंह (निवासी गांव सीतापुर, ज्वालापुर) एवं माया (निवासी ब्रह्मपुरी) भी हिरासत में लिया। साथ ही कमरे से कई लोगों के शैक्षिक दस्तावेज व बायोडाटा पुलिस ने अपने कब्जे में लिया।
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कोतवाली प्रभारी अनिल जोशी ने बताया कि मुख्य आरोपी पंकज गुप्ता है। वह साक्षात्कार ले रहा था। एक अभ्यर्थी से औपचारिकताओं के नाम पर साढ़े तीन से साढ़े पांच हजार रुपये की रकम लेनी थी। लेकिन, वह किसी से अभी तक रकम नहीं ले पाया था। बताया गया कि नरेश सचिवालय में सैनिक कल्याण विभाग में समीक्षा अधिकारी है और उसका रिश्तेदार दारा सिंह दिल्ली की एक कोर्ट में कर्मचारी है। जबकि यतेंद्र आरोपी का मकान मालिक है। युवती को नौकरी का झांसा देकर पूरी व्यवस्था संभालने के लिए लाया गया था। प्रारंभिक जांच में उक्त लोगों में से किसी की संलिप्तता न पाए जाने पर उनको छोड़ दिया गया है। जबकि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

जन्मदिन की पार्टी के नाम पर बुलाया      
चालाक पंकज गुप्ता ने हर किसी को छला। उसने समीक्षा अधिकारी नरेश को अपने जन्म दिन की पार्टी का आयोजन की बात कहकर हरिद्वार बुलाया था। उसकी जान पहचान कुछ समय पहले ही नरेश से हुई थी। नरेश अपने साथ अपने रिश्तेदार को भी लेकर पहुंचा था। मोबाइल फोन की दुकान पर कार्यरत युवती माया को उसने झांसा दिया था कि उसकी नौकरी तय है। बस, उसे दो कमरे अपने नाम से बुक करने हैं। क्योंकि उसे आने में कुछ समय लगेगा। तब तक वह खुद साक्षात्कार के लिए आने वाले अभ्यर्थियों से बातचीत करती रहे।
 
मकान मालिक से भी ले रखे हैं साढ़े दस लाख   
नटवरलाल पंकज गुप्ता ने अपने मकान मालिक को भी नहीं बख्शा। बकौल पुलिस उसके मकान मालिक ने जब आपबीती बयां कि तब हैरानी हुई। खुद को समीक्षा अधिकारी बताकर पंकज ने मकान मालिक से साढ़े दस लाख की रकम ली हुई है। इसी बीच विपिन पुत्र सुरेंद्र निवासी गांव झीवरहेड़ी लक्सर भी कोतवाली पहुंचा। उसने पुलिस को बताया कि पंकज गुप्ता ने उससे भी फार्मासिस्ट के पद पर भर्ती के लिए दो लाख लिए थे।
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एमबीए पास आउट बताता था आरोपी     
खुद को एमबीए पास आउट बताने वाला आरोपी पंकज गुप्ता बेहद सधे हुए अंदाज में साक्षात्कार ले रहा था। उसने बाकायदा पहले एक समाचार पत्र में विज्ञापन दिया था। बाकायदा 14,18,12 और सात हजार तक की तनख्वाह अलग-अलग पद के हिसाब से देने की बात लिखी थी और शैक्षिक प्रमाण पत्र लेकर आने की बात लिखी थी। करीब डेढ़ साल से उसने हरिद्वार को ठिकाना बनाया हुआ है।
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