चारधाम यात्रा के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बाद होटल मालिकों ने कमरों और ट्रेवल्स एजेंसियों ने वाहनों का किराया पहले की तरह वसूलना शुरू कर दिया है। कोरोना पाबंदियों के दौरान यात्रियों के सीमित संख्या में आने पर औने पौने किराया पर कमरा दे दिया जाता था। इसी तरह से वाहन भी बुक होते थे।
अब होटलों और वाहनों की एडवांस में बुकिंग कर रहे यात्री
पिछले साल मार्च में कोरोना संक्रमण की पहली लहर आते ही ट्रेन और अन्य यात्रा के साधन बंद हो जाने से धर्म नगरी में सन्नाटा छा गया था। पाबंदियों के चलते श्रद्घालु नहीं पा रहे थे। यात्रियों के नहीं आने से होटल और ट्रेवल व्यवसायियों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। चारधाम यात्रा खोली तो उसमें यात्रियों की संख्या सीमित कर दी गई थी। इसलिए ज्यादा लोग यात्रा के लिए नहीं आ पा रहे थे। अब सरकार ने कोर्ट की अनुमति के बाद यात्रियों की सीमित संख्या की पाबंदी खत्म कर दी। इसका असर अब धर्मनगरी में दिखने लगा है। सभी बाजार गुलजार हो गए हैं। यात्री अब होटलों और वाहनों की एडवांस में बुकिंग कर रहे हैं।
चारधाम यात्रा खुलने से पहले होटलों में आठ सौ से एक हजार रुपये में एसी और पांच से सौ सौ रुपये में सामान्य कमरा मिल जाता था। अब एसी रूम 1500 से लेकर 2000 हजार और सामान्य आठ सौ से 1000 से कम नहीं मिल रहे हैं। होटल व्यवसायी आशुतोष ने बताया कि पहले यात्री बेहद कम आने से खर्च भी नहीं मिल निकल पा रहे थे। नुकसान उठाना पड़ रहा था। अब ट्रेनों के चलने और बाहरी राज्यों से बसों के आने से यात्रियों की संख्या ठीक ठाक आ रही है। इसलिए अब पहले की तरह होटलों के कमरों का किराया लिया जा रहा है।
ट्रेवल व्यवसायी सोनी चौहान ने बताया कि पहले चारधाम यात्रा के लिए छोटे वाहन का किराया 27 हजार रुपये था, अब 30 हजार है। बड़े वाहन का किराया 36 हजार रुपये था, अब 49 हजार पांच सौ रुपये है। उनका कहना है कि पहले तो यात्री थे ही नहीं, इसलिए केवल खर्चा निकाला जा रहा था। अब यात्रियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है तो नुकसान की भरपाई हो जाएगी। इसी तरह धर्मशालाओं में भी कमरों के किरायों में बढ़ोत्तरी की गई है।