भाजपा मंडल अध्यक्ष की कथित टिप्पणी से आहत संतों ने हरकी पैड़ी पर धरना दिया। सुभाष घाट पर आयोजित धरने में संतों ने दो टूक शब्दों में भाजपा नेता के निष्कासन की मांग को दोहराया। आरोप है कि एक निजी चैनल पर चर्चा के दौरान भाजपा नेता ने संतों को लेकर गलत टिप्पणी की। जिसके बाद से संतों में आक्रोश बना हुआ है।
शनिवार को श्री वेदांत आश्रम के अध्यक्ष स्वामी ओमानंद के नेतृत्व में संत सुभाष घाट पहुंचे और धरना शुरू किया। इस दौरान स्वामी ओमानंद ने कहा कि चैनल पर चर्चा के दौरान उन्होंने केवल यह कहा था कि हर विभाग अपनी मर्जी से गलियों को खोद देता है। जिससे जनता को परेशानी होती है। योजना ऐसी बनाई जानी चाहिए कि सड़क की खुदाई एक बार हो। इतना बोलने पर भाजपा नेता आपे से बाहर हो गए और उन्होंने संतों को लेकर टिप्पणी करनी शुरू कर दी। स्वामी ओमानंद का कहना है कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कोई गलत आवाज नहीं उठाई। भाजपा नेता को अपना पक्ष रखना चाहिए था न कि संतों के सम्मान में वे टिप्पणी करते।
उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के दखल के चार दिन बाद भी भाजपा नेता ने माफी नहीं मांगी और न ही पार्टी ने उसका निष्कासन किया। जिससे संत समाज में आक्रोश बना हुआ है। स्वामी विनोद गिरि और विवेकानंद ने कहा कि जल्द इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो संतों द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हमारे संरक्षक स्वामी गुरमुखदास व प्रेम दास ने संतों को दो दिन दिन शांत रहने का आश्वासन दिया है। उनका कहना है कि यदि भाजपा संगठन इस पर कुछ कार्रवाई नहीं करता है तो संतों द्वारा हरिद्वार में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर कान्हा नंद गिरी, स्वामी ऋषि वशिष्ठ, स्वामी मुकेश, स्वामी प्रेम दास, स्वामी सहज प्रकाश, हिमांशु पांडे, दीपक पांडे, प्रवीण जोशी, आचार्य कृष्ण शास्त्री, आचार्य संजय सांवरिया, विपुल पांडे, अंकित, राजकुमार अग्रवाल, तुषार,मनीष दास आदि शामिल रहे।