'संन्यासी रामदेव' शुक्रवार को 18 बरस के हो जाएंगे। संन्यास दिवस के 18 वर्ष पूरे होने पर पतंजलि योगपीठ में सादगीपूर्ण समारोह मनाया जा रहा है।
लेकिन 26 अप्रैल को नरेंद्र मोदी और देश के प्रमुख संतों की मौजूदगी में बड़ा समारोह होगा। माना जा रहा है कि मोदी और संतों की उपस्थिति कोई न कोई रंग लाएगी।
बाबा रामदेव ने कनखल के कृपालु बाग आश्रम में अपने गुरु स्वामी शंकरदेव से वर्ष 1995 में संन्यास दीक्षा ली थी।
संन्यासियों की परंपरा है कि संन्यास की दीक्षा के समय व्यक्ति अपना श्राद्ध कर नवजीवन प्राप्त करता है। उसके पूर्व जन्मों के सभी रिश्ते-नाते समाप्त हो जाते हैं।
संन्यास दिवस से ही संत की आयु का निर्धारण धर्मजगत में होता है। इस नाते शुक्रवार रामनवमी को बाबा की उम्र के 18 बरस पूरे हो रहे हैं।
बाबा का 18वां संन्यास दिवस बेहद महत्वपूर्ण हो चला है। पहले बाबा रामनवमी को ही अपने बहुप्रतीक्षित राजनीतिक दल की घोषणा करने वाले थे। लेकिन बताया जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व के मनाने पर बाबा ने दल की घोषणा टाल दी है।
अब नरेंद्र मोदी बाबा रामदेव के आचार्यकुलम (गुरुकुल पद्धति पर आधारित शिक्षण संस्थान) के उद्घाटन के लिए 26 अप्रैल को हरिद्वार आ रहे हैं। अत: बड़ा आयोजन उसी दिन रखा गया है।