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रोडवेज की बसों के पहिये रहे जाम

Thu, 09 Jun 2016 12:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हरिद्वार
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राोडवेज - फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। रोडवेज में सीधी भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी करने के विरोध में चालक और परिचालकों की एक दिन की हड़ताल के कारण हरिद्वार से रोडवेज की अधिकांश बसों का संचालन नहीं होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बसें नहीं चलने से देहरादून, ऋषिकेश, रुड़की और बाहरी प्रदेशों को जाने वाले यात्री अड्डे पर भटकते रहे। हालांकि अधिकारियों ने दावा किया कि आधी बसें चलती रही।
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हरिद्वार डिपो से 165 बसों का संचालन होता है। इसमें जेएनयूआरएम की बसें भी शामिल हैं। बुधवार को उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने सांकेतिक हड़ताल का ऐलान किया था। यूनियन परिवहन निगम में सीधी भर्ती का विरोध कर रही है। बुधवार को हरिद्वार रोडवेज बस स्टेशन परिसर में ऋषिकेश, रुड़की व देहरादून के करीब 500 चालक व परिचालक धरना प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे। चालक-परिचालकों के धरना-प्रदर्शन में शामिल होने से अधिकांश बसों का संचालन ठप हो गया। बसों के नहीं चलने से रोजाना आसपास के शहरों में यात्रा करने वालों के साथ ही चारधाम यात्री भी परेशान रहे। यात्री दिनभर बसों के लिए भटकते रहे। सबसे ज्यादा परेशानी देहरादून, ऋषिकेश और रुड़की जाने वाले लोगों को उठानी पड़ी।
रोडवेज बस अड्डे पर आयोजित धरना-प्रदर्शन में चालक-परिचालकों को संबोधित करते हुए उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि परिवहन निगम में चालक-परिचालक और कार्यशाला में करीब तीन हजार कर्मचारी दस सालों से संविदा पर कार्यरत हैं। शासन ने इनकी अनदेखी करते हुए सीधी भर्ती के प्रथम चरण में 300 चालक के पद पर विज्ञप्ति जारी कर दी है। जबकि इस संबंध में पूर्व में निगम प्रबंधन के साथ यूनियन का समझौता हुआ था कि पहले संविदा कर्मियों को समायोजित किया जाएगा, लेकिन सरकार ने समझौते का पालन नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि 2005 से निगम में अल्प वेतन पर जिन लोगों ने विशेष परिस्थितियों में कार्य करते हुए निगम को मजबूत किया। नौकरी पर पहला हक उनका बनता है। उन्होंने कहा कि ईपीएफ की कटौती का करीब 12 करोड़ रुपये धनराशि का गबन भी किया जा चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विज्ञप्ति निरस्त नहीं की गई तो वह 17 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। अब धरना प्रदर्शन देहरादून में होगा। इस मौके पर संरक्षक डीएम शुक्ला, उदयवीर सिंह, केपी सिंह, विपिन कुमार, हरेंद्र कुमार, सहदेव सिंह, यशपाल सिंह, विनय जोशी, सतेंद्र तिवारी, नीरज चौधरी आदि ने विचार रखे।
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लोकल यात्री रहे सबसे ज्यादा परेशान
हरिद्वार। हड़ताल के चलते हुए रोडवेज की जेएनएनयूआरएम और रोडवेज की बसें बंद होने से यात्री परेशान हो उठे। सबसे अधिक लोकल यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। रोडवेज बस स्टेशन से लेकर ऋषिकेश, शांतिकुंज, ऋषिकुल मोड, रोडीबेलवाला, सिंहद्वार, जटवाड़ा पुल, बहादराबाद, पतंजलि योगपीठ, रुड़की, मंगलौर, नारसन तक आवागमन करने वाले यात्री अधिक परेशान हुए। भरी दोपहरी में यात्री बसों के इंतजार में परेशान रहे। मजबूरी में टैंपों किराये पर या टैक्सी लेकर यात्रा की। कई यात्रियों ने दोगुनी दूरी का टिकट लेकर आधी यात्रा की। जैसे रुड़की का टिकट लेकर बहादराबाद या पतंजलि पर उतरे। पुरकाजी का टिकट लेकर नारसन तक की यात्रा की। ऋषिकेश तक का टिकट लेकर शांतिकुंज तक जैसे तैसे लोग पहुंचे।

अन्य बसों ने उठाया फायदा
देहरादून। ऋषिकेश, रुड़की बस स्टेशन से संबंधित बसों के संचालन ठप होने से हाईवे पर प्रदेश की बसें दिखाई ही नहीं पड़ी। इसका फायदा अन्य प्रदेशों की बसों को मिला। बिना यात्रियों के खाली चलने वाली बसों में यात्रियों की भारी भीड़ रही। उन्होंने यात्रियों से लोकल स्टापेज नहीं होने का खूब फायदा उठाया। रोडवेज बस स्टेशन पर पहुंचते ही अन्य डिपो की बसें चंद मिनटों में फुल होकर जाती रही।

चालक परिचालकों के धरने प्रदर्शन से 50 प्रतिशत बसों के संचालन पर असर पड़ा है। इससे यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ी है। उनकी मांगों का मामला शासन से जुड़ा हुआ।
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सुरेश चौहान, एआरएम हरिद्वार रोडवेज।
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