फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जान पर खेलकर उपद्रव पर पाया काबू

Fri, 29 Jan 2016 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
विज्ञापन
हरिद्वार। बृहस्पतिवार को पतंजलि हर्बल फूड पार्क में हुए उपद्रव में खाकी के दो रुप दिखे। एक तरफ हौसला पस्त होने पर अधिकांश पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए थे तो कई पुलिसकर्मियों ने हौसला दिखाते हुए उपद्रवी भीड़ को खदेड़ा। कई पुलिसकमियों ने तो अपनी जान पर खेल उपद्रव पर काबू पाया।
विज्ञापन

हर्बल फूड पार्क के मुख्य गेट के बाहर उग्र भीड़ एकत्र थी और इधर पुलिस अफसर भी डटे थे। जब उपद्रवियों में से किसी ने पत्थर फेंका तब पुलिसकर्मी बंट गए। अधिकांश पुलिसकर्मी कैंपस में घुस गए वहीं एसओ कनखल रितेश शाह समेत कई पुलिसकर्मी बाहर रह गए। भीड़ ने पीएनबी के एटीएम के पास फंसे एसओ व पुलिस कर्मियों को घेर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। धीरे धीरे नजदीक आती ज्यादा उग्र होने लगी तभी एसओ रितेश शाह ने सरकारी रिवाल्वर से कई राउंड फायर हवा में किए। इसके बाद हमलावर भीड़ पीछे हटी। एसओ ने पुलिस कर्मियों को दीवार फांदकर अंदर जाने को कहा। बाद में खुद दीवार फांदकर पार्क कैंपस में प्रवेश किया। अंदर मौजूद पुलिस व पैरामिलिट्री फोर्स लगातार पीछे हट रहे थे। दोनों एसओ ने पहले एक ट्रैक्टर ट्राली में पत्थर भर लिए। कुछ पुलिसकर्मियों को ट्रैक्टर ट्राली पर लेकर वे आगे बढ़ गए। भीड़ को तितर बितर करने को पुलिस की यही ट्रिक काम आई। तीन से चार बार पुलिस ने यही ट्रिक आजमाई। इससे भीड़ आगे बढ़ने से रुक गई। यदि उग्र भीड़ को नहीं रोका गया होता तो बड़ी घटना हो जाती।
--------------
पहले 27 अब 28 तारीख
हरिद्वार। पार्क में पिछले साल की 27 मई को बड़ा हादसा हुआ था। ट्रक यूनियन के नेता की हिंसा के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में बाबा रामदेव के भाई रामभरत को जेल तक जाना पड़ा था। तब 27 तारीख थी और बृहस्पतिवार को 28 तारीख थी।
विज्ञापन

---------------
चौकी प्रभारी को लेकर छूटे ठहाके
हरिद्वार।  हालात सामान्य होने के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर आपस में गपशप कर रहे पुलिसकर्मियों के बीच उस समय ठहाका छूटा तब फेरुपुर चौकी प्रभारी की अनुपस्थिति में बवाल होने का संयोग सामने आया। दरअसल पिछले साल 27 मई को भी जब बवाल हुआ था तब भी चौकी प्रभारी मनोहर सिंह भंडारी छुट्टी पर थे और बृहस्पतिवार को भी छुट्टी पर ही थे। इस बात को लेकर हर कोई हंसी ठिठोली करता नजर आया।
-------------
आरोपों की लगा रहे थे झड़ी
हरिद्वार।  उपद्रवियों की भीड़ में ग्रामीण से कही ज्यादा पार्क कर्मचारी ही शामिल थे। वे पार्क प्रबंधन पर आरोपों की झड़ी लगा रहे थे। अधिकांश कर्मचारी यहां के न होकर वेस्ट यूपी से ताल्लुक रखने वाले थे। कोई सुरक्षा के इंतजाम न होने का आरोप जड़ रहा था तो कोई वेतन को लेकर संतुष्ट नहीं था।
---------------
126 एकड़ में फैला पार्क
हरिद्वार।  करीब 126 एकड़ में फैले पार्क में 40 छोटी बड़ी यूनिट संचालित होती है। यहां करीब पांच से साढ़े पांच हजार कर्मचारी कार्यरत हैं।
------------
बंद रही दुकानें
हरिद्वार। पार्क में हुए बवाल के बाद ठीक सामने बनी दुकानों से शटर नहीं उठ पाए। दोपहर बाद तक दुकानें बंद ही रही और ग्रामीण मौजूद रहकर स्थिति का जायजा लेते रहे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें