भूपतवाला स्थित अन्नपूर्णा आश्रम में संत समाज ने ब्रह्मलीन संत शिरोमणी बाबा बंशीवाले को श्रद्धांजलि दी। संतों एवं श्रद्धालुओं ने उनके दिखाए गए मार्ग का अनुसरण करते हुए गरीबों की सेवा का संकल्प लिया।
निरंजन पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा कि संत शिरोमणी ब्रह्मलीन बाबा बंशीवाले संत समाज के प्रेरणास्रोत थे। जिन पर माता अन्नपूर्णा की असीम अनुकंपा थी। जिसके माध्यम से बाबा बंशीवाले ने गरीब, असहायों, निराश्रितों की सेवा के लिए संपूर्ण देश में अन्नपूर्णा भंडार चलाकर समाज को मानव सेवा का संदेश दिया। निर्मल पीठाधीश्वर श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह ने कहा कि बाबा बंशीवाले महाराज दिव्य महापुरुष थे। जिन्होंने अपना पूरा जीवन मानव सेवा को समर्पित कर दिया था। महंत निर्मलदास एवं महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि ने कहा कि बाबा बंशीवाले त्याग एवं तपस्या की साक्षात प्रतिमूर्ति थे।
पूर्व पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी एवं निर्मल अखाड़े के कोठारी महंत जसविंदर सिंह ने कहा कि बाबा बंशीवाले युग पुरुष थे। भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म के प्रचार प्रसार के साथ समाज को मानव सेवा का संदेश देकर नई दिशा प्रदान की। इस मौके पर यूपी के राज्यमंत्री कपिलदेव, स्वामी हरिचेतनानंद, स्वामी ज्ञानानंद शास्त्री, स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी हरिहरानंद, महंत दिनेश दास, स्वामी ऋषिश्वरानंद, राजमाता आशा भारती, स्वामी ऋषि रामकिशन, महंत सूरजदास, महंत शिवानंद, महंत अरुणदास, महंत प्रहलाद दास, महंत विष्णुदास, महंत दुर्गादास, महंत प्रेमदास, स्वामी कपिल मुनि समेत कई संत मौजूद रहे। संचालन आचार्य पवनदत्त मिश्र ने किया।