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गांवों में कच्ची शराब का धंधा जोरों पर

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क्षेत्र में कई स्थानों पर कच्ची शराब बनाने व शराब बेचने का अवैध धंधा जोरों पर है। इस ओर आबकारी विभाग का ध्यान नहीं है।
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जानकारी के अनुसार दीनारपुर, सहदेवपुर, सुभाषगढ़, बुक्कनपुर, ऐथल, पुरुषोत्तम नगर, कमला नगर, एकड़ कलां, बहादरपुर जट, टिकौला, धारीवाला, शिवगढ़, गोविंदगढ़, फूलगढ़, दुर्गागढ़, बिशनपुर कुंडी, पुरानी कुंडी, नसीरपुर कलां, भुवापुर चमरावल समेत कई स्थानों पर कच्ची शराब तैयार की जाती है। कच्ची शराब के अवैध धंधे में शामिल लोगों ने अपने ठिकाने घरों के अलावा खेतों और पथरी जंगल में बना रखे हैं। शराब तस्करों को अपने मुखबिरों से छापा मारने आने वाली टीम की जानकारी पहले ही मिल जाती है। जिससे टीम के आने से पहले ही शराब तस्कर मौके से फरार हो जाते हैं। अजितेश, मोहन सिंह, नवीन कुमार, मीना कुमारी, सविता देवी आदि ग्राम प्रधानों का कहना है कि संबंधित अधिकारियों से कच्ची शराब के अवैध धंधे पर रोक लगाने की मांग की जा चुकी है। इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आबकारी निरीक्षक लक्ष्मण सिंह बिष्ट का कहना है कि अवैध रूप से कच्ची शराब बनाने व शराब बेचने की जानकारी मिलने की सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जाती है।
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24 घंटे में तैयार कर लेते हैं कच्ची
पथरी। कच्ची शराब सस्ती होने के कारण इसकी मांग बनी रहती है। पहले कच्ची शराब बनाने के लाहन को तैयार करने में आठ से दस दिन लग जाते थे। अब लाहन में कई तरह के केमिकल इस्तेमाल किए जा रहे। जिससे लाहन चौबीस घंटे में तैयार हो जाता है। बताया जाता है कि लाहन में केमिकल डालने से कच्ची शराब ज्यादा नशीली होती है।
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