प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (बुधवार) वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से फेरूपुर रामपुर खेड़ा पंचायत के ग्रामीणों से बातचीत कर गांव की समस्याएं जानेंगे। इसको लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह का माहौल है। पंचायत भवन को भी सजाया गया है। तैयारियों को लेकर दिनभर गांव में अधिकारियों का जमावड़ा रहा।
बिजली-पानी-सड़क आदि से संबंधित समस्याओं को निपटाने के लिए विभागीय अधिकारी और कर्मचारी दिनभर जुटे रहे। ग्राम प्रधान मेघवती का कहना है कि पहली बार वह किसी प्रधानमंत्री से बातचीत करेंगी। इसकी उन्हें बेहद खुशी है। ग्रामीण बुलचंद वर्मा का कहना है कि प्रधानमंत्री उनसे कौन सी बात पूछेंगे।
उसका वह सही जवाब दे पाएंगे या नहीं इसको लेकर उनके मन में तरह-तरह के सवाल बार-बार आ रहे हैं। ग्रामीण रणवीर सिंह का कहना है कि प्रधानमंत्री की वीडियो कांफ्रेंसिंग से अधिकारियों की आंखें खुली है। उन्हें डर है कि कहीं कोई ग्रामीण उनके विभाग की शिकायत न कर दे।
ग्रामीण अमित सैनी का कहना है कि प्रधानमंत्री की वाई-फाई योजना से उनकी पंचायत जुड़ने से अधिकारी अब उनकी समस्याएं सुनने आने लगे हैं। ग्रामीण विनोद कुमार का कहना है कि प्रधानमंत्री की वार्ता को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह है।
ग्रामीण गुलाब सिंह चौहान का कहना है कि प्रधानमंत्री की वार्ता के बाद गांव का विकास कितना और किस तरह होगा इसकी सभी में उत्सुकता है। जिला विकास अधिकारी एसएस शर्मा, बीएसएनएल के जीएम ईसम सिंह, बीडीओ बहादराबाद अनीता पंवार आदि ने शाम को पंचायत भवन पहुंच व्यवस्थाओं की तैयारियों का जायजा लिया।
इंजीनियरिंग कालेज एवं अस्पताल खोलने की प्रमुख मांग
प्रधानमंत्री से रूबरू होने पर ग्रामीण जनहितों से जुड़ी समस्याएं उठाएंगे। ग्रामीणों का कहना है। ग्राम फेरुपुर रामखेड़ा के निवासियों का कहना है कि गांव के आसपास अवैध तरीके से होता हुआ खनन और कच्ची शराब गांव की मुख्य समस्या है। इन समस्याओं को मुख्यमंत्रियों के सामने पिछले कई सालों से उठाया जा रहा है।
लेकिन आज तक समाधान नहीं हुआ। बुधवार (आज) को इस समस्या को प्रमुखता से उठाएंगे। इसके अलावा गांव के युवाओं के लिए प्रशिक्षण केंद्र, आईटीआई, पालीटेक्निक व इंजीनियरिंग कालेज खुलवाने की मांग करेंगे। सबसे प्रमुख मांग गांव में एक सरकारी अस्पताल खोलने की होगी। ग्राम प्रधान मेघवती देवी का कहना है कि ग्रामीणों के साथ बैठक कर चर्चा कर अन्य मुद्दे तैयार किए जाएंगे।