राजाजी टाइगर रिजर्व के जंगलों के सीमावर्ती इलाकों में ईको सेंसिटिव जोन बनाए जाएंगे। इसमें एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्र चिह्नित होंगे।
मंगलवार को कोर्ट के आदेश पर एसडीएम पूरण सिंह राणा ने तहसील स्थित कार्यालय में ईको सेंसिटिव जोन बनाने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा कि वन्य जीवों के संवर्धन और संरक्षण को लेकर राजाजी टाइगर रिजर्व की हरिद्वार रेंज के जंगलों के एक किलोमीटर के दायरे में ईको सेंसिटिव जोन बनाए जाने हैं। इसके लिए सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्रों का सर्वे कर चिह्निकरण किया जाना है।
चिह्निकरण करने के बाद जियोटैगिंग होनी है। जिसमें मकान, दुकान और अन्य प्रतिष्ठान समेत अन्य गतिविधियों का विवरण दिया जाना है। यह डाटा शासन के माध्यम से कोर्ट को भेजा जाना है। इसलिए सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों का तत्काल प्रभाव से सर्वे कर रिपोर्ट दें दे। चेतावनी दी कि मामला कोर्ट से जुड़ा हुआ है। इसलिए इसमें लापरवाही किसी भी हालत में बरदाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में तहसीलदार दयाराम, भगवानपुर प्रभारी तहसीलदार ललित मोहन पोखरियाल, नायब तहसीलदार वेदपाल सैनी, राजस्व निरीक्षक धनीराम सैनी, राजाजी टाइगर रिजर्व के रेंजर विपिन डिमरी, उप राजस्व निरीक्षक देवेश घिल्डियाल समेत नगर निगम हरिद्वार, नगर पालिका शिवालिकनगर, भेल के प्रतिनिधि में मौजूद रहे।