हरिद्वार। रातभर हुई बरसात से सुरेश्वरी देवी मंदिर मार्ग पर भारी मलबा आ गया। इससे मंदिर के पुजारियों को भी आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। मनसा देवी मंदिर का पहाड़ भी दरक गया। हालंकि, इससे कोई हादसा नहीं हुआ। गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा के नीचे रहा।
मंगलवार की रात भर हुई बरसात से शहर में भारी जलभराव हो गया। ज्वालापुर फाटक और भगत सिंह पर जलभराव हुआ, जो सुबह तक रहा, लेकिन, लोगों के आवागमन शुरू होने तक पानी की निकासी हो गई। उत्तरी हरिद्वार में पहाड़ से मलबा गया। जिसे विधायक मदन कौशिक की ओर से जेसीबी भेजकर हटवाया गया। सुरेश्वरी मंदिर समिति के मंत्री आशीष मारवाड़ी ने बताया कि मार्ग पर मलबा आने से मंदिर का रास्ता बंद हो गया है।
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के जेई हरीश कुमार ने बताया कि गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा के नीचे रहा। उन्होंने बताया कि आठ बजे गंगा का जलस्तर 291.70 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो चेतावनी निशान 293 मीटर से नीचे है।
नजीबाबाद हाईवे पर पांच फुट तक जलभराव हो गया
लालढांग। नजीबाबाद हाईवे पर बरसाती पानी निकास का अभाव होने के कारण बारिश के पानी पांच फुट तक जलभराव हो गया। इससे खैराढाबा, देवभूमि ढाबा और ग्रामीणों के घरों में पानी भर गया। रात में हुई बारिश से ही ग्रामीणों मे दहशत का माहौल बन गया। गैंडीखाता गांव की हाइवे से जोड़ने वाला मार्ग तेज बहाव की भेंट चढ़ गया। जिसके कारण सैकड़ो लोगों का मुख्य मार्ग से संपर्क कट गया।
ग्रामीण अज्जी पोखरियाल, विनोद सिंह, हरी सिंह रावत, भीम सिंह, अमर सिंह, सबल सिंह आदि का आरोप है कि एनएचएआई की लापरवाही ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है।
बरसात से बिजली रही गुल, लोग रहे परेशान
हरिद्वार/श्यामपुर। मूसलाधार बारिश से शहर और देहात की बिजली ठप है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बारिश से कनखल, ज्वालापुर, जमालपुर कलां, जगजीतपुर, भूपतवाला आदि क्षेत्र में बिजली गुल हो गई। सुबह तक बिजली नहीं आने से श्यामपुर क्षेत्र के गांवों में बिजली आपूर्ति को पूरी तरह ठप हो गई। रात 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली गुल रहने से ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को, घर के काम-काजों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिजली नहीं होने से सबसे बड़ी समस्या पानी की रही। बिजली से चलने वाले पंपों के रुक जाने से कई घरों में पानी की आपूर्ति बाधित हो गई। जिससे लोगों को पीने और घरेलू कामों के लिए पानी की किल्लत झेलनी पड़ी।