संकष्टी चौथ पर पूजा अर्चना करती महिलाएं ।
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शहर समेत जिले भर में शुक्रवार को महिलाओं ने संकष्टी चौथ मनाई। महिलाओं ने चौथ माता की पूजा-अर्चना की। दिनभर व्रत रखने के बाद रात को चांद को अर्घ्य देने के बाद भोजन ग्रहण किया। कई महिलाओं ने मनौती पूरी होने पर खड़ी चौथ भी की। जिसमें दिनभर खड़े रहने का व्रत रखा।
माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को माताओं ने सकट चौथ का व्रत रखकर भगवान गणेश का पूजन अर्चन किया। इसके साथ ही माताओं ने अपने बच्चों से गुड़ और तिल का प्रतिबिंब बनाकर कटवाया। सकट को लेकर प्रचलित कहानियां सुनीं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश के अपने पिता महादेव को प्रवेश न करने देने पर उनका सिर काटने और फिर माता पार्वती के आग्रह किए जाने पर हाथी का सिर लाकर जीवनदान देने की कथा सुनाई।
माताओं ने थाल में गुड़ और तिल से प्रतिबिंब बनाकर अपने बालकों से कुश (घास) व चांदी की पायल से उसका गला अलग करवाया। इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया।