हरिद्वार। शांतिकुंज के प्रमुख डा. प्रणव पंड्या ने दो दिन पहले ही महामहिम राष्ट्रपति की ओर से राज्यसभा के लिए किया गया उनका मनोनयन अस्वीकार करते हुए संसद के इस सदन का सदस्य बनना नामंजूर कर दिया है। उन्होंने राष्ट्रपति भवन को इस आशय की सूचना शुक्रवार को फैक्स से भेज दी।
उन्होंने कहा कि शांतिकुंज परिवार की ओर से आए सुझावों के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया। समय की कमी और शांतिकुंज के सेवा कार्यों व अन्य प्रकल्पों में अति व्यस्त रहने के चलते उन्हें ऐसा महसूस होता है कि ऐसा में वे राज्य सभा सदस्य की जिम्मेदारियों को नहीं निभा सकेंगे। इसलिए गुरु प्रदत्त दायित्वों और सेवा कार्यों में जुटे परिजनों की सलाह पर जब उन्होंने पुनर्विचार किया तो ऐसा माना कि उन्हें यह सदस्यता स्वीकार नहीं करनी चाहिए। महामहिम राष्ट्रपति को भेजे अपने पत्र में उन्होंने कहा कि वे राज्य सभा की सदस्यता को विनम्रता पूर्वक अस्वीकार करते हैं। गौरतलब है कि बुधवार को केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने शांतिकुंज प्रमुख प्रणव पंड्या को राज्य सभा का सदस्य मनोनीत किया था।