आपने वोट डाला क्या, वह आपके पसंदीदा प्रत्याशी को ही पड़ा या उसमें कहीं तकनीकी खराबी तो नहीं आ गई। इस बार होने वाले विधानसभा चुनावों में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन ही इस संशय को दूर करेगी। जिले की रानीपुर विधानसभा सीट में सभी 177 बूथों पर इस बार वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) का उपयोग किया जाएगा। इस स्पेशल मशीन का मंगलवार को रोशनाबाद स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के बीच प्रदर्शन किया गया।
बुधवार को आयोजित बैठक में जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ ने कहा कि विधानसभा चुनाव में पहली बार रानीपुर विधानसभा क्षेत्र के 177 पोलिंग बूथों पर वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल का उपयोग किया जाएगा। इसके माध्यम से मतदाता द्वारा जिस प्रत्याशी को वोट दिया जाएगा उसका प्रिंट आउट, जिसमें मतदाता का नाम, आवंटित प्रतीक/चुनाव चिन्ह और सीरियल नंबर आदि प्रिंट होगा। यह प्रिंटेड पर्ची सात सेकेंड के लिए वीवीपैट के डिस्प्ले स्क्रीन में दिखाई देगी और उसके बाद खुद कटकर वीवीपैट बॉक्स के अंदर चली जाएगी।
इस स्पेशल मशीन का इस्तेमाल राज्य के तीन जिलों हरिद्वार, देहरादून एवं ऊधमसिंह नगर के एक-एक विधानसभा क्षेत्र में किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन के तहत ऐसा किया गया है। इस अवसर पर सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी इसकी जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग के जो दिशा निर्देश प्राप्त होंगे उसकी जानकारी राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को समय-समय पर दी जाएगी।
मौके पर रानीपुर क्षेत्र के विधायक आदेश चौहान, कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष अंशुल श्रीकुंज, भाजपा की रुड़की जिलाध्यक्ष कल्पना सैनी, सीपीआई (एम) के पीडी बलूनी, अपर जिलाधिकारी डा. अभिषेक त्रिपाठी, ललित नारायण मिश्रा, राजकीय पॉलीटेक्निक के प्रधानाचार्य डा. राजेश उपाध्याय, जिला बचत अधिकारी अखिलेश शुक्ला, अर्थ एवं संख्याधिकारी सतेंद्र सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी उपस्थित थे।