फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घाट पर गरमाई राजनीति

Thu, 17 Dec 2015 11:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
विज्ञापन
हरिद्वार। मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से की गई घोषणा के अनुरूप ऋषिकुल वाले पुल के पास स्थित गंगनहर के घाट का नाम महर्षि कश्यप किए जाने और इस नाम पर कुशवाहा समाज के लोगों की ओर से पेंट पोत देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कश्यप समाज की ओर से बैठक का आयोजन कर घाट का नाम फिर महर्षि कश्यप करने की मांग की गई वहीं कुशवाहा समाज के लोगों ने घाट पर अपने समाज का दावा करते हुए कहा कि पहले से ही इस घाट का नाम लवकुश के नाम पर है अत: इसे बदलने नहीं दिया जाएगा।
विज्ञापन

 बुधवार को मेला प्रशासन की ओर से घाट पर महर्षि कश्यप का नाम लिख दिया गया था। इसके विरोध में कश्यप समाज के लोग मुखर हो गए थे। बृहस्पतिवार की दोपहर कश्यप धर्मशाला में हुई समाज की बैठक में महर्षि कश्यप का नाम पोते जाने की निंदा की गई। वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से घाट का नामकरण कराया गया है। अगर किसी को आपत्ति थी तो उन्हे प्रशासन से मिलकर इस पर आपत्ति दर्ज करानी चाहिए थी। लेकिन महर्षि कश्यप जैसे महापुरुष का अपमान किया गया इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में कांग्रेस नेता और पूर्व विधाश्यक अंबरीष कुमार, महानगर अध्यक्ष अंशुल श्रीकुंज भी पहुंचे उन्होंने भी मनमाने घटना की निंदा की। बैठक में कश्यप समाज के अध्यक्ष बुद्ध सिंह कश्यप, महामंत्री चरण सिंह कश्यप, श्शिवकुमार कश्सयप, बुच्चाराम कश्यप, जोगेंद्र कश्यप, दीपक कश्यप, सुनील कश्यप और रामरिछपाल आदि शामिल थे।  
दूसरी और कुशवाहा समाज का एक प्रतिनिधिमंडल बृहस्पतिवार की दोपहर सीओ सिटी चंद्रमोहन से मिला। बताया कि छह साल पहले इस घाट का नामकरण लवकु़श घाट के नाम से किया गया था। इसके दस्तावेज भी दिखाए गए। आरोप लगाया कि इस तरह से उनके समाज को अपमानित कर घाट का नाम बदलना ठीक नहीं है। प्रतिनिधिमंडल में अरविंद कुशवाहा, प्रमोद कुशवाहा, रामगोपाल इकुयावाीहा, रामकिशन कुशवाहा, नंदकिशोर कुशवाहा आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें