हरिद्वार। इंकलाबी मजदूर केंद्र ने जेएनयू मामले में पुलिस पर छात्रों का दमन किए जाने का आरोप लगाया। संगठन ने शिवालिक नगर में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष की रिहाई कराने की मांग की।
मजदूर केंद्र के पंकज कुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शिवालिक नगर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया। उन्होंने कहा कि वहां से पढ़कर निकले छात्र देश में प्रतिष्ठित पदों पर विराजमान है। लेकिन राष्ट्रीय सेवक संघ की विभाजनकारी नीति का विरोध करने की वजह से यह संस्थान आरएसएस वालों की आंखों की किरकरी बना हुआ है। केंद्र सरकार जबरदस्ती जेएनयू के छात्रों को देश द्रोही करार दे रही है। जबकि सोशल मीडिया पर जो क्लीपिंग चलाई जा रही है उसमें स्पष्ट रुप से दिखाई देता है कि नारे लगाने वाले मुट्ठीभर छात्र वही हैं जो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदर्शन में आगे की पंक्ति में खडे़े हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने खुद ऐसे नारे लगाए और जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष को गिरफ्तार कर देशद्रोह का मुकदमा लगा दिया। क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के संयोजक नासिर अहमद ने कहा कि विरोध और बहस के बिना विश्वविद्यालयों में उच्च अकादमिक स्तर नहीं बनाया जा सकता। मजदूर केंद्र के महासचिव अमित कुमार ने कहा कि अफजल गुरु को शहीद का दर्जा देने वाली पीडीपी के साथ गठबंधन करके भाजपा फिर से सरकार बनाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में किस मुंह से अफजल गुरु समर्थन करने वाले छात्रों को प्रताड़ित कर सकती है। बहुजन समाज पार्टी के आरके राणा ने कहा कि जेएनयू प्रकरण में पुलिस निर्दोष लोगों पर मुकदमे दर्ज कर रही है। वहीं पटियाला हाउस के हमलावरों को सुरक्षा दे रही है। मदनपाल ने कहा कि कन्हैया कुमार को दलित होने की वजह से प्रताड़ित किया जा रहा है। गुलशन कुमार, सुशील कुमार, योगेश, राजू, नीशू कुमार और अवधेश आदि उपस्थित रहे।