बृहस्पतिवार की शाम को जिस समय राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी गंगा आरती करेंगे उस समय शुद्घ मीन लगन विद्यमान होगा। गुरू और सूर्य की रक्षा में मीन लगन का उज्ज्वल पक्ष चल रहा है। ध्रुव नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी की उपस्थिति में आरती का यह अत्यंत शुभ समय है।
ज्योतिषाचार्य प्रतीक मिश्रपुरी के अनुसार सायं काल के समय हरकी पैड़ी तट पर प्रतिदिन विशेष योग बनते हैं। यह योग गंगाजल से लेकर दिव्य अनुभूत कराते हैं। लगन को यदि गुरू देख रहा तो मान सम्मान में अधिक वृद्धि होती है। गुरु के भी देखने से 12 गुणा फल प्राप्त होता है। पृष्ठ के चंद्रमा शत्रु नाशक अष्टम के शुक्र संजीवनी धारक है। इस समय गंगा आरती करने से दीर्घायु प्राप्त होती है। साथ ही शरीर की समस्त व्याधियां नष्ट हो जाती हैं। यदि राष्ट्राध्यक्ष या राजा जल राशि का पूजन मीन लगन में करें तो वह पुण्य फल समस्त प्रजा को प्राप्त होता है।
डा. मिश्रपुरी ने बताया कि राष्ट्रपति का जन्म एक फरवरी 1935 को सायं 5.52 बजे हुआ था। उस समय पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र विद्यमान था। दिन अमावस्या का था। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार अमावस्या अथवा पूर्णिमा को जन्म लेने वाला व्यक्ति प्राकृत रूप से जलप्रेमी होता है। राष्ट्रपति का बृहस्पतिवार की शाम को आरती करना पूरे राष्ट्र के लिए विशेष फलदायी है।