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Iबागियों के सामने आंसू बहा रहे प्रत्याशी, आज मनाने का आखिरी दिनI
पार्टियों की ओर से टिकट नहीं मिलने पर बागी होकर निर्दलीय नामांकन करने वाले नाराज दावेदारों के सामने पार्टी प्रत्याशियों ने घुटने टेक दिए हैं। बागियों के इस कदम से दलों और उनके घोषित प्रत्याशी चिंता में हैं। इन्हें मनाने के लिए पार्टियों के घोषित प्रत्याशी आंसू बहा रहे हैं, ताकि बागी दावेदार अपने कदम पीछे खींच लें और उनके साथ खड़े हो जाएं। बृहस्पतिवार को नाम वापसी का आखिरी दिन है, अगर आज बागियों ने अपना नाम वापसी नहीं कराया तो पार्टी प्रत्याशियों की जीत का खेल बिगड़ सकता है।
नगर निकाय चुनाव के लिए भाजपा, कांग्रेस आदि दलों ने नगर निगम, पालिका, नगर पंचायत के नगर प्रमुखों और वार्ड सदस्यों के लिए टिकट जारी किए गए हैं। सभी दलों में टिकट के दावेदारों की लंबी लाइन थी। नगर प्रमुख पद से लेकर वार्ड सदस्य के टिकट के लिए मारामारी मची हुई थी। जब पार्टियों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की घोषणा की तो कई दावेदार मायूस हो गए और उन्होंने विद्रोह कर दिया ।
अब टिकट नहीं मिलने से बागी हुए ये दावेदार चुनावी समर में कूदकर दलों और प्रत्याशियों को परेशानी में डाले हुए हैं। हालांकि, नगर निकाय प्रमुख पदों पर तो बागियों की संख्या बहुत कम है, लेकिन वार्ड में बागियों की ओर से नामांकन करने वालों का आंकड़ा ज्यादा है। पार्टी पदाधिकारियों और प्रत्याशी के तमाम मनाने के बाद भी ये बागी पीछे हटने का नाम भी नहीं ले रहे हैं। ऐसे में इन्हें नाम वापसी के लिए मनाने में प्रत्याशियों और पार्टियों के पसीने छूट रहे हैं।
बृहस्पतिवार को नाम वापसी का आखिरी दिन है। इसलिए जो प्रत्याशी अब तक नहीं माने हैं उन्होंने प्रत्याशियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। इसलिए, इन बागियों को मनाने के लिए प्रत्याशियों की ओर से हर हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। प्रत्याशी बागियों के दरों पर जाकर आंसू बहा रहे हैं। उन्हें उनके लिए किए गए कार्याें की याद दिला रहे हैं। ताकि, वो उनके लिए किए कार्याें के बदले अपना नामांकन वापस ले सकें। लेकिन, अगर बागियों ने नाम वापसी नहीं लिया तो भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के सामने जीत का रास्ता बेहद मुश्किल हो जाएगा।