शिवसेना कार्यकर्ताओं ने यूपी वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी और महामंडलेश्वर नरसिंहानंद के खिलाफ सोमवार को शारदा नगर से आर्य नगर चौक तक पदयात्रा निकाली। इस मौके पर दोनों का पुतला दहन कर प्रदर्शन किया गया।
जिला प्रमुख अशोक शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ता शारदानगर शिवसेना कार्यालय पर एकत्र हुए और वसीम रिजवी और महामंडलेश्वर नरसिंहानंद के खिलाफ नारे लगाते हुए कार्यालय से आर्य नगर चौक पहुंचे। अशोक शर्मा ने आरोप लगाया कि वसीम रिजवी की विवादित पुस्तक का हरिद्वार में विमोचन भाजपा की सोची समझी साजिश है। उन्होंने कहा कि रिजवी की विवादित किताब से सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश हो रही है, लेकिन शिव सैनिक ऐसा नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि विवादित किताब के विमोचन के पीछे लोगों की सच्चाई सामने आनी चाहिए और इसकी जिलाधिकारी के स्तर पर जांच कराई जाए।
शिवसेना जिला कोषाध्यक्ष आबाद कुरैशी ने कहा कि वसीम रिजवी ने मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाया है। इस दौरान रवि बख्शी, राकेश सैनी, राजेश भट्ट, नरेश धीमान, अनिल गुप्ता, जगपाल सैनी, नजीब कुरैशी, दिलशाद कुरैशी, वसीम अंसारी, इसरार मंसूरी, अबरार फिरोज, गुल्लू अंसारी, राहत भाई और बलबीर सिंह समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रिजवी और यति नरसिंहानंदनरसिंह के खिलाफ तहरीर
यूपी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी और स्वामी यति नरसिंहानंद के खिलाफ सोमवार को मुस्लिम युवाओं ने ज्वालापुर कोतवाली में तहरीर दी। इससे पहले युवाओं ने विरोध प्रदर्शन कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी ने शुक्रवार को हरिद्वार में अपनी विवादित पुस्तक का विमोचन किया था। रिजवी के साथ यति नरसिंहानंद, स्वामी दर्शन भारती और प्रबोधानंद गिरि आदि संत भी मौजूद थे। आरोप है कि विमोचन के दौरान वसीम रिजवी और स्वामी यति नरसिंहानंद ने पैगंबर मोहम्मद साहब को लेकर मंच से भड़काऊ और आपत्तिजनक भाषण दिए। इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। सोमवार को ज्वालापुर के मुस्लिम युवा इकट्ठे होकर कोतवाली पहुंचे और विरोध प्रदर्शन करते हुए गुलबहार कुरैशी की तरफ से कोतवाली प्रभारी चंद्र चंद्राकर नैथानी को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान आबाद कुरैशी, नदीम खान, गुलबहार कुरैशी, अजमत अल्वी, शोएब खान, मुन्ना कुरैशी, समीर अंसारी, मुख्तियार खान, सलमान कुरैशी, राशिद अली, शाहरुख कुरैशी, ताहिर कुरैशी और तनवीर कुरैशी शामिल रहे