ऋषिकुल आयुर्वेदिक परिसर एक बार फिर चर्चा में आ गया है। कुलपति के आदेश पर भाजपा नेता के पुत्र सहित दो आरोपियों को तो दोबारा प्रवेश दे दिया गया, जबकि 29 छात्रों के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया। इससे कुलपति के साथ-साथ ऋषिकुल परिसर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
उत्तराखंड आयुष प्री मेडिकल टेस्ट-2016 (यूएपीएमटी) की 7 अगस्त को हुई प्रवेश परीक्षा में ऋषिकुल आयुर्वेदिक परिसर के मुन्ना भाई पकड़े जाने पर परत-दर-परत मामला खुलता चला गया था। परिसर में आईबी और एलआईयू टीम के साथ चार प्रोफेसरों ने छात्रों के सभी डाक्यूमेंट की जांच कराई थी। जिसमें संदिग्ध छात्र पढ़ने में औसत से भी कमतर पाए गए थे। ये छात्र देश के राष्ट्रपति का नाम तक नहीं बता पाए थे। किसी दवा का नाम भी नहीं बता पाए थे। शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच में भी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट व सनद पर लगे फोटो, बीएएमएस के प्रवेश-पत्रों और आवेदन फार्म पर लगे फोटो के साथ हस्ताक्षर भी मैच नहीं हुए थे।
परिसर के तत्कालीन निदेशक प्रो. एएन पांडेय ने 31 दागी छात्रों को 23 अगस्त को निष्कासित कर दिया था। निदेशक की तहरीर पर आरोपी छात्रों के खिलाफ नगर कोतवाली में धोखाधड़ी, कूटरचना जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस पर 31 में से 10 को जेल भेजा गया था, जबकि अन्य की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। अब सात महीने बाद कुलपति ने दो छात्रों के प्रवेश से मामला फिर चर्चा में आ गया है।
ये छात्र हुए निष्कासित
दानिश अली पुत्र गुलशेर अली, मोहम्मद अकरम पुत्र मोहम्मद मुकर्रम, अंकित कुमार पुत्र सुनील कुमार, मोनीश आलम पुत्र मोहम्मद उमर, वसीम अहमद पुत्र मुस्तकाम हसन, रोहित भटनागर पुत्र सुरेंद्र कुमार भटनागर, अजय कुमार पुत्र धूम सिंह, पुलकित आर्य पुत्र विनोद कुमार आर्य, अजय भूषण पुत्र संतराम, मोहम्मद सकलैन पुत्र महबूब हसन, दीदार सिंह पुत्र सुखदेव सिंह, रविकांत सैनी पुत्र सुलेख चंद्र सैनी, जावेद अनवर पुत्र वाहिद हसन, गौरव टम्टा पुत्र गणेश लाल टम्टा, हेमंत बिजल्वाण पुत्र शंभू प्रसाद बिजल्वाण, मोहम्मद इरफान पुत्र मोहम्मद इस्लाम, शिव कुमार गुप्ता पुत्र अशोक कुमार गुप्ता, दीपक कुमार पुत्र दिनेश कुमार, अब्दुल कादिर पुत्र मजाहिर हसन, शादाब अली पुत्र शमशेर अली, गुरनाम सिंह पुत्र मुलखा सिंह, मोहम्मद मेराज पुत्र ताजमुल, सरवेज अली पुत्र शमशेर अली, मोहम्मद अहमद पुत्र मोहम्मद तालिब, राहुल पुत्र ऋषिपाल सिंह, बिलाल अहमद पुत्र मोहम्मद अयूब, अनुज कुमार पुत्र लाहौर सिंह, मोहम्मद फैजान पुत्र रियासत अली, आमिर हुसैन पुत्र इमरान हुसैन, राव गुडडु पुत्र रसीद अहमद और अब्दुल रहमान पुत्र मोहम्मद मुस्लिम शामिल हैं।
एक अप्रैल को जारी निदेशक का पत्र
विश्वविद्यालय के आदेश संख्या 4300,उ.आ.वि.,2016-17 दिनांक 29.03.2017 की ओर से कुलपति से प्राप्त अनुमोदन के क्रम में समस्त विभाग के विभागाध्यक्षों को सूचित किया जाता है कि 2013 बैच के छात्र पुलकित आर्य पुत्र श्री विनोद कुमार आर्य एवं छात्र दीदार सिंह पुत्र श्री सुखदेव सिंह की तृृतीय वर्ष की कक्षाओं को तत्काल प्रभाव से सुचारु रूप से संपादित कराना सुनिश्चित करें।
बीएएमएस में धोखाधड़ी से प्रवेश की परत-दर-परत खुलासे
07 अगस्त - उत्तराखंड आयुष प्री मेडिकल टेस्ट-2016 (यूएपीएमटी) में देहरादून में पकड़े गए मुन्नाभाई।
08 अगस्त - पकड़े गए मुन्नाभाइयों ने ऋषिकुल आयुर्वेदिक परिसर में भी एडमिशन कराने का किया खुलासा।
08 अगस्त - विश्वविद्यालय से संबंधित सभी सरकारी स्कूलों में जांच कराने के निर्देश। 13 अगस्त- ऋषिकुल आयुर्वेदिक परिसर में आईबी और एलयू की टीम ने जांच में पकड़े तीन संदिग्ध।
14 अगस्त- ऋषिकुल के चार प्रोफेसरों की बनाई जांच समिति और 2012 से 2016 तक के प्रवेश के जांच के निर्देश।
19 अगस्त - गुरुकुल परिसर में सत्र 2012 से 2016 के समस्त छात्रों की जांच हुई, सभी पाक-साफ।
23 अगस्त- समस्त रिपोर्ट तैैयार और 2013 और 2014 बैच के 31 छात्रों का परिसर से निष्कासन।
28 मार्च-2017 - ऋषिकुल आयुर्वेदिक परिसर के निदेशक बदले।
29 मार्च- कुलपति ने ऋषिकुल परिसर के निदेशक दो छात्रों के प्रवेश के लिए जारी किया आदेश।
01 अप्रैल- नए निदेशक ने सभी विभागाध्यक्षों को दोषी छात्रों के प्रवेश लेकर पढ़ाने को दिए निर्देश।