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19 माह में बंटे महज 88 हजार स्मार्ट राशन कार्ड

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कोविड काल के चलते राशन कार्ड डिजिटलाइजेशन का काम पर भी ब्रेक लगा है। हालत यह है कि 19 महीने में कछुआ गति से चल रहे डिजिटलाइजेशन में जनपद में अभी तक महज 88 हजार परिवारों को ही स्मार्ट राशन कार्ड बांटे जा सके। जबकि विभाग ने एक साल में सभी परिवारों को स्मार्ट कार्ड देने का लक्ष्य रखा था।
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सरकार की ओर से बार-बार राशन कार्ड बनाने का झंझट दूर करने के लिए स्मार्ट कार्ड बनाने की कवायद शुरू की थी। स्मार्ट कार्ड एक बार बनने के बाद लाभार्थी परिवारों को फिर से दूसरा राशन बनवाने की जरूरत नहीं पड़ती है। एटीएम कार्ड की तरह यह स्मार्ट कार्ड जीवनभर परिवार के राशन कार्ड बनाने के काम आता रहेगा। राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और गल्ला विक्रेताओं की मनमानी पर भी रोक लगाने में काफी मदद मिलनी है।
वर्ष 2019 दिसंबर में स्मार्ट कार्ड बनाने का काम शुरू करते हुए दिसंबर 2020 तक जनपद के सभी चार लाख 25 हजार राशन कार्ड धारकों को स्मार्ट कार्ड दिए जाने का लक्ष्य रखा गया था। विभाग ने जैसे ही स्मार्ट कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की, वैसे ही मार्च में कोरोना संक्रमण की पहली लहर के आते ही लॉकडाउन लग गया। इसके बाद दूसरी लहर के कारण कोविड कर्फ्यू लग गया। इससे स्मार्ट कार्ड बनाने का कार्य बेहद प्रभावित होने से आज तक भी तीन लाख 37 हजार परिवार डिजिटल कार्ड मिलने की बांट जोह रहे हैं। इन्हें पुराने राशन कार्डों से ही राशन वितरण किया जा रहा है।
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यूनिट में फेरबदल पर ही बनेगा दूसरा कार्ड
खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के अनुसार स्मार्ट कार्ड से परिवार जीवन भर डीलर से राशन लेता रहेगा। इसे तब तक बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगा, जब तक उसमें कोई किसी प्रकार का संशोधन न कराना हो। ऐसे में जब स्मार्ट कार्ड में परिवार के सदस्यों के नामों से यूनिट बढ़वाने या कटवानी हो और गुम हो जाने पर ही दूसरा स्मार्ट कार्ड जारी किया जाएगा।
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कोरोना काल के कारण स्मार्ट कार्ड बनाने का कार्य बहुत प्रभावित हुआ है। पर अब फिर से स्मार्ट कार्ड बनाने का कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है। 40 हजार स्मार्ट कार्ड और मिल भी गए हैं। जिनका आज बृहस्पतिवार से ही वितरण कराना शुरू करा दिया जाएगा। 50 हजार राशन कार्डों का डाटा प्रिंट के लिए संबंधित एजेंसी को भेज दिया गया है। यदि बीच में कोरोना संक्रमण के कारण पाबंदियां नहीं लगी तो वर्ष 2021 में ही सभी परिवारों को स्मार्ट कार्ड दे दिए जाएंगे।
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- केके अग्रवाल, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी, हरिद्वार
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