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नकली करेंसी के साथ पकड़े गए पत्रकार समेत अन्य आरोपी जेल भेजे

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चलन से बाहर हो चुकी चार करोड़ 45 लाख रुपये की पुरानी करेंसी के साथ पकड़े गए कथित पत्रकार समेत अन्य आरोपियों को पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। रविवार को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। वहीं, पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि रकम दिल्ली के एक खनन कारोबारी की है और छह महीने से हरिद्वार में यहां से वहां घूम रही थी। शनिवार को यह रकम अरविंद वर्मा को सौंपी जानी थी, लेकिन तभी एसटीएफ की कार्रवाई ने सारा खेल बिगाड़ दिया।
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बता दें कि शनिवार देर रात एसटीएफ निरीक्षक अबुल कलाम की अगुवाई में एसटीएफ ने चंद्राचार्य चौक क्षेत्र स्थित न्यू हरिद्वार कॉलोनी में छापेमारी कर चलन से बाहर हो चुकी चार करोड़ 45 लाख रुपये की पुरानी करेंसी के साथ सात आरोपियों को पकड़ा था। उन्होंने अपने नाम रूपेश वालिया निवासी जगजीतपुर, कनखल, यशवीर सिंह निवासी हरिपुर कलां, रायवाला, ऋषिकेश, अरविंद वर्मा निवासी ग्राम काला कुआं, अमरोहा, आबिद अली निवासी ग्राम सैदपुर नौगांव सादात, अमरोहा, सोमपाल सिंह निवासी रेलवे स्टेशन रोड बिलारी, मुरादाबाद, विकास गुप्ता निवासी खेड़ी खुर्द, श्यामपुर ऋषिकेश और राजेंद्र निवासी शास्त्री स्टेशन रोड बिलारी, मुरादाबाद बताए थे।
ज्वालापुर कोतवाल महेश जोशी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ एसटीएफ के निरीक्षक अबुल कलाम ने धोखाधड़ी, 5-7 स्पेसिफाइड बैंक नोट अधिनियम, सीआरपीसी की धारा 41-102 समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। सभी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच ज्वालापुर कोतवाली की रेल चौकी के प्रभारी प्रवीन रावत करेंगे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि रकम दिल्ली के एक खनन कारोबारी की है, जिसकी पहचान रूपेश वालिया, विकास गुप्ता और यशवीर से है। पुरानी करेंसी बदलने के लिए बाकायदा कमीशन तय हुआ था। इसके बदले महज बीस फीसदी नई करेंसी मिलनी थी। इसमें से रूपेश वालिया और उसके साथियों को पांच फीसदी रकम मिलनी थी। वहीं, करेंसी बदलवाने की जिम्मेदारी ले रहे अरविंद वर्मा को भी बीस फीसदी अलग से कमीशन मिला था।
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मशीन से तीन घंटे हुई नोटों की गिनती
चलन से बाहर हो चुकी चार करोड़ 45 लाख रुपये की पुरानी करेंसी पकड़कर एसटीएफ रात में ही ज्वालापुर कोतवाली ले गई और गिनती के लिए मशीन मंगाई गई। पुलिस ने रात में ही एक हजार और पांच सौ के नोटों की गड्डियां को गिनने का काम शुरू कराया। करीब तीन घंटे तक नोटों की गिनती चलती रही। पुलिस ने बरामद की गई रकम को मालखाने में सुरक्षित रखवा दिया है।
कथित मीडिया कर्मी निकला मास्टर माइंड
चलन से बाहर हो चुकी करेंसी के साथ पकड़े गए आरोपियों से पुलिस ने रातभर पूछताछ की। इसके बाद पता चला कि मामले का मास्टर माइंड कथित मीडिया कर्मी रूपेश वालिया है। उसी ने अरविंद वर्मा, यशवीर मलिक और आबिद के साथ मिलकर पुरानी करेंसी बदलने की योजना तैयार की थी। बताया जा रहा है कि रूपेश वालिया, यशवीर सिंह और विकास गुप्ता ही एक-दूसरे के साथ इस रकम को संभाल रहे थे।
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