श्यामपुर लालढांग के सरकारी प्राइमरी स्कूल में शिक्षकों की खींचातानी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। मिल डे मील नहीं बनने की शिकायत पर स्कूल पहुंचे प्रभारी डीईओ बेसिक ने पूर्व में निलंबित हेड मास्टर के स्कूल में मौजूद होने पर आपत्ति जताई। साथ ही चेतावनी भी दी कि दोबारा स्कूल आने पर एफआईआर कराई जाएगी। वहीं शिक्षक का दावा है कि हाईकोर्ट ने उसे बहाल किया है और विभाग उत्पीड़न कर रहा है। शिक्षक ने अफसरों के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना का केस भी दायर किया है।
लालढांग स्कूल के हेडमास्टर सुभाष कुमार पर पिछले दिनों एक शिक्षिका ने संगीन आरोप लगाए थे। शिकायत पर तत्कालीन डीईओ बेसिक रामेंद्र कुशवाहा ने शिक्षक को निलंबित कर दिया था। उसके बाद शिक्षक ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के बाद आदेश होने पर शिक्षक के स्कूल पहुंचने पर हंगामा खड़ा हो गया था। तब ग्रामीणों ने भी पूरा स्टाफ बदलने की मांग उठाई थी। ग्रामीणों का कहना था कि शिक्षकों की रस्साकशी से स्कूल का शैक्षिक माहौल बिगड़ रहा है। काफी दिन से मिड डे मील भी नहीं बन रहा था। सोमवार को प्रभारी डीईओ बेसिक दिनेश चंद्र डिमरी स्कूल पहुंचे और शिक्षक सुभाष कुमार के स्कूल में मौजूद होने पर आपत्ति जताई। वहीं शिक्षक का कहना था कि हाईकोर्ट ने उनके निलंबन पर रोक लगा दी है, लेकिन डीईओ बेसिक ने दोबारा स्कूल में आने पर एफआईआर कराने की चेतावनी दी।
मामले में शिक्षक सुभाष कुमार का कहना है कि सस्पेंड करने पर उन्हें विभाग ने अटैच नहीं किया था, ऐसे में कोर्ट से स्टे मिलने पर ही वह स्कूल आए हैं। शिक्षक ने विभाग के अफसरों और कुछ शिक्षकों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। वहीं प्रभारी डीईओ बेसिक दिनेश चंद्र डिमरी का कहना है कि हाईकोर्ट ने निलंबन पर रोक नहीं लगाई है, बल्कि विभाग को निर्देशित किया है कि अपने स्तर से जांच कराए। जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो कार्रवाई करें और आरोप सिद्ध नहीं होते हैं तो बहाल किया जाए। फिलहाल शिक्षक को विभाग दफ्तर अटैच किया गया है, जांच के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।