उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्तियों को लेकर अब भीतर से ही सवाल उठने लगे हैं। छात्रसंघ ने राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में अभ्यर्थियों की ओर से लगाए जा रहे धांधली के आरोपों पर जांच होने तक साक्षात्कार प्रक्रिया रोकने की मांग की है। वहीं लगातार आरोप लगने के बावजूद साक्षात्कार प्रक्रिया तेजी से चलने और अचानक कार्यपरिषद की बैठक बुलाने पर भी सवाल उठ रहे हैं।
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में कई साल पहले भर्ती हुए शिक्षकों की अभी तक जांच चल रही है। अब पिछले महीने 39 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हुई तो अभ्यर्थी धांधली का आरोप लगा रहे हैं। अब छात्रसंघ भी आरोपों की जांच के समर्थन मेें आ गया है। छात्रसंघ अध्यक्ष अनूप बहुखंडी ने राज्यपाल को पत्र भेजकर जांच पूरी होने तक नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग उठाई है। वहीं पूर्व अध्यक्ष शिवचरण नौडिय़ाल का कहना है कि विवि की छवि बचाने के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया रोककर जांच कराई जानी चाहिए।
चर्चाओं में आए चयनित अभ्यर्थियों के नाम
विश्वविद्यालय में नियुक्ति पर उठते सवालों के बीच अब चयन होने वाले अभ्यर्थियों के नाम भी अचानक चर्चाओं में आ गए हैं। साहित्य पद पर आवेदन करने वाले सभी 120 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाने की मंशा पर तो सवाल उठ ही रहे हैं, वहीं कंपयूटर विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए छह आवेदन आने के बावजूद केवल एक अभ्यर्थी को साक्षात्कार के लिए बुलाना भी संदेह के दायरे में आ रहा है। इन सभी आरोपों का उल्लेख अभ्यर्थियों की ओर से राज्यपाल को भेजे गए शिकायती पत्रों में किया गया है।