जनपद में शिक्षा विभाग का निकम्मापन फुटबॉल के बाद अब बैडमिंटन की प्रतिभाओं पर भारी पड़ा है। बागेश्वर में बैडमिंटन की स्टेट चैंपियनशिप मंगलवार को शुरू हो गई। जबकि हरिद्वार की टीम का चयन रुड़की में सोमवार को हुआ। रात ही रात में टीम का बागेश्वर पहुंचना असंभव होने से खिलाड़ियों को निराश लौटना पड़ा। हद तो यह है कि पिछली बार खिलाड़ियों के सिर ठीकरा फोड़ने के बाद अब शिक्षकों की हड़ताल को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
आठ सितंबर को फुटबॉल की स्टेट चैंपियनशिप पिथौरागढ़ में हुई। इसमें हरिद्वार की टीम एक दिन पहले चयनित की गई। पिछली बार की स्टेट चैंपियन होने के बावजूद हरिद्वार की टीम इस बार स्टेट खेलने से वंचित रह गई। अब बैडमिंटन खिलाड़ियों के अरमानों पर भी पानी फेर दिया गया। स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप मंगलवार को बागेश्वर में शुरू हो गई। जबकि विभाग ने समय से टीम बनाने की सुध नहीं ली। सोमवार को रुड़की के गणेशपुर कन्या पाठशाला में टीम चुनी। जिला खेल समन्वयक चौधरी बालेश ने कहा कि राजकीय शिक्षकों की हड़ताल से इस बार पूरा मामला गड़बड़ा गया है। बैडमिंटन की टीम सोमवार को फाइनल कर दी गई। मंगलवार से शुरू होने जा रही स्टेट चैंपियनशिप के लिए रात ही रात में बागेश्वर पहुंचना संभव नहीं है। कबड्डी और वॉलीबॉल टीमों ने इस बार स्टेट में प्रतिभाग किया है। इस संबंध में जब डीईओ माध्यमिक पुष्पा रानी वर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनके मोबाइल पर कॉल रिसीव नहीं हुई।
अचानक बदल दी गई चयन की जगह
शिक्षा विभाग के खेल कैलेंडर के मुताबिक बैडमिंटन टीम का चयन भगवानपुर के खेड़ी शिकोहपुर में होना था। इसे अचानक बदलकर कन्या पाठशाला गणेशपुर रुड़की कर दिया गया। इस पर भी सवाल उठे।