अब डिग्री कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को कॉलेज में 80 प्रतिशत उपस्थिति देना अनिवार्य हो गया है। यदि किसी विद्यार्थी की 80 प्रतिशत से कम हाजिरी होती है तो उसे परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए (एनएचआरडी) मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सभी डिग्री कॉलेज के प्रबंधकों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
दरअसल, पूर्व के वर्षों में महाविद्यालय में छात्रों की उपस्थिति का मापदंड विश्वविद्यालय की ओर से 70 प्रतिशत निश्चित किया गया था। इसके बाद मापदंड में परिवर्तन करते हुए बच्चों की उपस्थिति को 75 प्रतिशत तक कर दिया गया था। मगर वर्तमान में मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं उच्च शिक्षा विभाग ने उपस्थिति का मापदंड 80 प्रतिशत निर्धारित कर दिया है। बताया जा रहा है कि विद्यार्थियों की उपस्थिति का मापदंड बढ़ाने का उद्देश्य उनके परीक्षा परिणाम को ठीक करना था। क्योंकि देखने में आ रहा था कि कुछ डिग्री कॉलेजों का परीक्षा परिणाम का ग्राफ घटता जा रहा है। इसको देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। ऐसे में जिन छात्र-छात्राओं उपस्थिति 80 प्रतिशत से कम रहेगी तो उन्हें आंतरिक परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि छात्रों को अपनी गलती सुधारने का एक मौका दिया जाएगा। इसके लिए छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति तभी मिलेगी जब जब वे अपनी उपस्थिति पूरी करने का आश्वासन एवं शपथ पत्र दे देंगे। अन्यथा विश्व विद्यालय की सेमेस्टर परीक्षा में छात्रों को सम्मिलित होने से रोक दिया जाएगा। इसके लिए एनएचआरडी और उच्च शिक्षा विभाग ने सभी डिग्री कॉलेजों के प्रबंधकों को निर्देश जारी कर दिए हैं। एसएमजेएन पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुनील बत्रा ने निर्देश मिलने की पुष्टि की है।
अभिभावकों को दी नियमों की जानकारी
एनएचआरडी के डिग्री कॉलेजों को निर्देश मिलने के बाद शनिवार को एसएमजेएन पीजी कॉलेज में प्राचार्य डॉ. सुनील बत्रा ने अभिभावकों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि अभिभावक अपने बच्चों की उपस्थिति पर ध्यान रखे। यदि छात्रों की उपस्थिति निर्धारित मानकों से कम होती है तो उन्हें सेमेस्टर परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा। इस मौके पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण परिषद डॉ संजय कुमार माहेश्वरी, देवेंद्र वर्मा, जगदीश चावला, सुरेंद्र बंसल, संजय कुमार, सुखानंद आदि काफी की संख्या में अभिभावक गण उपस्थित थे। इस अवसर पर कॉलेज के डॉ. पद्मावती तनेजा, नेहा सिद्धकी, विनीत सक्सेना, डॉ. प्रज्ञा जोशी कुमारी, दीपिका आनंद, स्वाति चोपड़ा, रंजना राणा, पुनीता शर्मा, प्रीति लखेरा, कार्यालय अधीक्षक एमसी पांडे, संजीत कुमार, हेमंती, विजय शर्मा आदि उपस्थित थे।