ज्वालापुर क्षेत्र की चोर गली (गुघाल रोड) पर बेशकीमती भूखंड के स्वामित्व को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने एक दूसरे को दौड़ा दौड़ाकर पीटा। मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स ने लाठियां भांजकर दोनों पक्षों को तितर बितर किया। खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों के तीन लोग घायल हुए हैं। इधर, एहतियात के तौर पर विवादित भूखंड पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
घटना शनिवार सुबह करीब ग्यारह बजे के आसपास की है। क्षेत्र के रहने वाले दो भाई अभिषेक मिश्रा और चिराग मिश्रा चोर गली में करीब तीन हजार फुट भूमि पर अपना दावा कर रहे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष की ओर से महावीर शर्मा भूखंड को अपना बताने लगे। कुछ ही देर में भूखंड पर कब्जे को लेकर दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। सूचना मिलने पर चेतक सवार कांस्टेबल मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक दोनों पक्ष आपस में उलझ गए। देखते ही देखते अपने अपने समर्थकों के साथ मिलकर दोनों पक्ष लाठी डंडे लेकर एक दूसरे से भिड़ गए। मंजर देखकर चेतक सवार पुलिसकर्मियों ने सूचना कोतवाली प्रभारी योगेश देव को दी। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने एक दूसरे को बुरी तरह दौड़ा दौड़ाकर पीटा। इसके बाद पुलिस ने मामले की जानकारी अधिकारियों को दी। कोतवाली प्रभारी की अगुवाई में पहुंचे पुलिस फोर्स ने लाठियां भांजकर दोनों पक्षों को दूर तक खदेड़ दिया। खूनी संघर्ष में मिश्रा पक्ष के इरफान भट्टी एवं दूसरे पक्ष के महावीर शर्मा, मुर्शरफ और इसरार चोटिल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्षों की तरफ से तहरीर मिलने के बाद क्रॉस मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।
विवादित भूमि को कुर्क करेगी पुलिस
हरिद्वार। खूनी संघर्ष के बाद पुलिस की नींद टूटी है। पुलिस अब विवादित भूमि को कुर्क कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज रही है। कोतवाली प्रभारी की माने तो दोनों पक्षों के बीच विवाद कोर्ट में विचाराधीन भी है और दोनों ही पक्ष अलग अलग खसरा नंबर बताते हैं। इस भूमि को कुर्क कर रिपोर्ट एसडीएम को भेज रहे हैं। अग्रिम कार्रवाई जिला प्रशासन की तरफ से होगी।
भूमि को लेकर पूर्व में भी हुआ विवाद
कुछ वर्ष पूर्व भी इस क्षेत्र की एक विवादित भूमि में वेस्ट यूपी के बदमाश सुशील मूंछ उर्फ लंगड़ा का नाम सामने आया था। दो पक्ष बेशकीमती भूमि को लेकर उलझ रहे थे। एक पक्ष की ओर से एक पूर्व विधायक मोर्चा संभाले हुए थे ओर दूसरे पक्ष की ओर से भी राजनीतिक दल से जुड़े लोग थे। एक पक्ष की ओर से मूंछ का करीबी एक फौज से रिटायर एक गुर्गा इस विवाद की गुत्थी सुलझाने में जुटा था। तब भी काफी तनातनी हुई थी। पुलिस तक भी विवाद पहुंचा था। लेकिन पुलिस चुपचाप बैठ गई थी। तब कुछ हिस्से को लेकर विवाद सुलझा था लेकिन पूरी बात तब भी नहीं सुलझ सकी थी।