अगामी 15 नंवबर को राजाजी पार्क को सैलानियों के लिए खोलने के लिए पार्क प्रशासन की तैयारियां जोर पकड़ती जा रही हैं। इसी के मद्देनजर पार्क में सैलानियों की जंगल सफारी के लिए पार्क प्रशासन बुधवार से जिप्सी का रजिस्ट्रेशन शुरू करने जा रहा है।
पार्क प्रशासन ने सफारी के दौरान गाड़ी में गाइड की सुविधा मुहैया करवाने के साथ ही वायरलैस सुविधा की भी तैयारी कर ली है।
इन दिनों हाथियों की चिंघाड़ और बाघों की दहाड़ के लिए मशहूर राजाजी पार्क मेंसैलानियों के आगमन की तैयारी तेजी से चल रही है।
हरिद्वार के समीप 14829.8 हेक्टर में फै ले चीला वन रेंज में हर वर्ष हजारों सैलानी जंगल सफारी के लिए आते हैं। जहां पार्क प्रशासन ने सफारी के लिए सभी मार्ग दुरुस्त कर लिए हैं वहीं जिप्सी के रजिस्ट्रेशन भी 30 अक्तूबर से शुरू कर दिए जाएंगे, जो की सात नवंबर तक हो सकेंगे।
गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन की फीस दो सौ से पांच सौ रुपये तक है। सैलानियों को जंगल सफारी के दौरान गाड़ी में गाइड की व्यवस्था भी दी जाएगी। सफारी के दौरान सैलानियों को किसी समस्या का सामना ना करना पडे़, इसके लिए पार्क प्रशासन ने जंगल में जाने वाली सभी गाड़ियों को पहली बार वायरलैस की सुविधा मुहैया कराने की योजना बनाई है।
चीला रेंज में जंगल सफारी के लिए जहां देशी सैलानियों को प्रति व्यक्ति चार सौ रुपये वहीं विदेशी सैलानियों के लिए 11 सौ रुपये फीस रखी गई है। जंगल सफारी के लिए सभी गाड़ी चीला वन क्षेत्राधिकारी के कार्यालय से ही मिलेंगी।
गाड़ी उपलब्ध नहीं होने पर सैलानी अपनी गाड़ी से भी जंगल सफारी के लिए जा सकेंगे। इसके लिए उन्हें चार सौ और 11 सौ रुपये के हिसाब से ही चार्ज देना होगा।