मुरादाबाद रेल मंडल के हरिद्वार रेलवे की कार्यशाला में ही अब न्यू मोडिफाइड गुड्स (एनएमजी) कोच की मरम्मत का कार्य हो सकेगा। इस कोच का प्रयोग चौपहिया वाहनों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए किया जाएगा। कैरिज एंड वैगन के 25 कोच को नया लुक दिया गया है। अब एनएमजी कोच को मरम्मत के लिए दूसरे मंडलों में नहीं भेजना पड़ेगा।
रेलवे प्रधान कार्यालय नई दिल्ली की ओर से सीएंडडब्ल्यू हरिद्वार को एनएमजी कोचों के मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुरादाबाद रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुधीर सिंह ने बताया कि एनएमजी कोचों का उपयोग चौपहिया वाहनों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए किया जाता है। मुरादाबाद मंडल के ज्वालापुर स्टेशन से चौपहिया वाहनों की लोडिंग की जाती है। लेकिन इन वाहनों को लोड करने वाले एनएमजी रैकों के कोचों में यदि मरम्मत की आवश्यकता होती थी, तब यह कार्य मुरादाबाद मंडल में नहीं हो पाता था। लेकिन अब एनएमजी कोचों की मरम्मत और रखरखाव का कार्य मंडल के हरिद्वार स्टेशन स्थित कैरिज एंड वैगन विभाग की ओर से हरिद्वार डिपो में शुरू कर दिया गया है। कैरिज एंड वैगन हरिद्वार ने पहला 25 एनएमजी कोचों का रैक की सफलतापूर्वक मरम्मत की। अब एमएमजी कोचों को मरम्मत के लिए अन्य मंडलों में नहीं भेजना पड़ेगा। बल्कि कैरिज एंड वैगन की हरिद्वार शाखा में यह कार्य हो जाएगा।