गंगा में खनन शुरू करने के विरोध में मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का अनशन जारी रहने और परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती की ओर से खुद अनशन (तप) करने की चेतावनी देने का शासन- प्रशासन पर असर दिखाई दिया। प्रशासन की टीम ने स्टोन क्रशरों पर छापे मारकर वहां मौजूद नौ जेसीबी और एक पोकलैंड को सीज कर दिया।
गंगा में एक सप्ताह पहले शासन के निर्देश पर खनन खोल दिया गया था। इसके विरोध में 13 मई से मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद अनशन पर हैं। अनशन को शासन ने गंभीरता से नहीं लिया। पहले श्यामपुर कांगड़ी के बाद रविवार को बिशनपुर कुंडी की तरफ भी खनन खुलवा दिया। इस पर मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने खुद अनशन करने की चेतावनी दी थी। सोमवार को हरिद्वार की तहसीलदार सुनैना राणा के नेतृत्व में राजस्व टीम ने स्टोन क्रशरों पर छापेमारी की। टीम ने दस स्टोन क्रशरों पर छापे मारे। इस दौरान वहां मौजूद जेसीबी और एक पोकलैंड मशीन को सीज कर दिया गया।
तहसीलदार सुनैना राणा ने बताया कि शासन की ओर से मिले निर्देशों के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है। पथरी और भोगपुर क्षेत्र में मारे गए छापों के दौरान नौ जेसीबी और एक पोकलैंड मशीन को सीज किया गया है। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश है कि यदि स्टोन क्रशरों पर इस तरह के वाहन मिलते हैं तो मान लिया जाए कि यह अवैध खनन में संलिप्त हैं।